नई दिल्ली, सतीश भारद्वाज: दिल्ली के बवाना क्षेत्र के गांव हरेवली स्थित गोपाल गोसदन गौशाला पर एक किसान ने उसकी कृषि भूमि पर कब्जा करने की नीयत से परेशान करने और फसल को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का आरोप है कि पिछले करीब छह-सात महीनों से गौशाला के प्रमोद सहरावत वग़ैरह लगातार उसे तथा उसके परिवार को परेशान किया जा रहा है। जिसकी शिकायत थाना प्रभारी नरेला व पुलिस सहायता नम्बर 112 पर भी दी गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को गोपाल गोसदन गौशाला हरेवली के संचालकों की दबंगई का मामला एक बार फिर सामने आया है, पीड़ित किसान अजय के अनुसार बताया गया है कि शनिवार को गौशाला वालों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से उसकी कृषि भूमि में गंदगी, कूड़ा-करकट और अन्य अपशिष्ट डाल दिया गया, जिससे खेत में खड़ी हरी-भरी फसल बर्बाद हो गई। इससे पहले भी उन्होंने फसल पर केमिकल डालकर हरी-भरी फ़सल को नष्ट-भ्रष्ट किया था।आरोप है कि गोशाला वाले कृषि भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं।पीड़ित किसान का यह भी आरोप है कि गौशाला से जुड़े लोग अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर उसे डराते-धमकाते रहते हैं। किसान ने दावा किया कि उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं कि वे इस जमीन को छोड़ दें, नहीं तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। जिसके कारण परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। शनिवार को उन्होंने कई ट्रैक्टर ट्राली भरकर गन्दगी कुंडा करकट उनकी जमीन में डाल दिया है। जिसकी शिकायत उन्होंने थाना प्रभारी नरेला तथा पुलिस सहायता 112 पर भी दर्ज कराई है। लेकिन स्थानीय पुलिस आरोपियों के खिलाफ राजनीतिक दबाव के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिस कारण उनके होंसले दिनों दिन बुलंद हो रहें हैं।
*क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी*
जब इस बारे में थाना प्रभारी नरेला इंस्पेक्टर राजेन्द्र से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी कोर्ट में आया हुआ हूं। बाद में बात करता हूं। जिसके एक घण्टा बाद बात करने पर कहा कि हम कार्रवाई करेंगे। करीब दो घण्टे तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर डीसीपी नॉर्थ आउटर सोबहीत डी सक्सेना से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि अभी थाना प्रभारी से बात करके आवश्यक कार्रवाई करवाते हैं।
बता दें कि उक्त गौशाला वाले अपने आप को RSS तथा भाजपा पार्टी से जुड़े हुए बताते हैं,इसी वजह से स्थानीय पुलिस प्रशासन जानबूझकर मौन बना हुआ है। इस मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय पुलिस इस मामले में क्षेत्र में कोई बड़ा नरसंहार (लड़ाई झगड़ा) करवा सकती है।

