
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा के आयुक्त व सचिव अशोक कुमार मीणा ने शनिवार को गुरुग्राम पहुंचकर स्थानीय लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में यूएलबी निदेशक शरणजीत कौर बराड़, निगमायुक्त प्रदीप दहिया, एसबीएम मिशन निदेशक शाश्वत सांगवान सहित एमसीजी के अतिरिक्त आयुक्त, संयुक्त आयुक्त व अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में नगर निगम द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों, सड़कों, मुख्यमंत्री घोषणाओं, पौधारोपण, प्रॉपर्टी आईडी, स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन तथा नागरिक शिकायतों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। एमसीजी अधिकारियों द्वारा विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, भौतिक प्रगति, स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया तथा कार्यों को पूरा करने में आ रही चुनौतियों की जानकारी दी गई। आयुक्त वी सचिव ने संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग*
बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें कमान सराय में बेस लेवल पार्किंग, सदर बाजार में मल्टी-लेवल कार पार्किंग, सेक्टर-14 स्थित एमसीजी कार्यालय भवन, वजीराबाद में स्पोर्ट्स स्टेडियम, नाला नंबर-89 का सुधार, अटल पार्क एवं स्मृति केंद्र सहित अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। कमान सराय में बेस लेवल पार्किंग का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके संचालन एवं रखरखाव के लिए लाइसेंस-फीस आधारित ओएंडएम टेंडर खोला गया है। वहीं, सेक्टर-14 स्थित व्यापार सदन में एमसीजी कार्यालय भवन का कार्य करीब 83 प्रतिशत पूरा हो चुका है। परियोजना की लागत में वृद्धि को मंजूरी मिलने के बाद शेष एवं अतिरिक्त कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
*सदर बाजार को स्मार्ट बाजार के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य*
मुख्यमंत्री घोषणा के तहत सदर बाजार को स्मार्ट बाजार के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। अब तक लगभग 1.79 करोड़ रुपए के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त स्मार्ट फीचर्स से संबंधित करीब 8.58 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कार्यों के अनुमान को एफएंडसीसी द्वारा मंजूरी दी गई है तथा ये कार्य टेंडर प्रक्रिया में हैं। इन कार्यों के माध्यम से सदर बाजार में नागरिक सुविधाओं एवं बाजार की आधारभूत व्यवस्था को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
*वार्डों में सड़क, सीवर और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े कार्य प्रगति पर*
विभिन्न वार्डों में सड़क, सीवर एवं सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। सागर एन्क्लेव पार्ट-2 के लिए करीब 55.47 लाख रुपये का अनुमान स्वीकृत होने के बाद कार्यादेश जारी किया जा चुका है। इसके अलावा गांव कन्हई में 800 मीटर टाइल्ड स्ट्रीट का कार्य भी प्रगति पर है। इसी प्रकार वार्ड-27 में 15 शौचालयों के निर्माण का कार्य करीब 75 प्रतिशत तथा वार्ड-29 में 8 शौचालयों का निर्माण करीब 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
*डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 591 वाहन*
स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में अंतरिम व्यवस्था के तहत 6 एजेंसियों के माध्यम से 591 वाहन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगाए गए हैं। यह व्यवस्था 9 जुलाई 2026 से 8 जनवरी 2027 तक लागू है। दीर्घकालीन क्लस्टर आधारित कचरा संग्रहण व्यवस्था के लिए दो एजेंसियों को 11 सितंबर को एलओए जारी किया जा चुका है।
*4,532 सफाईकर्मियों के माध्यम से सफाई व्यवस्था*
शहर में सफाई एवं रोड स्वीपिंग के लिए कुल 4,532 सफाईकर्मी उपलब्ध हैं। इनमें 2,859 एमसीजी कर्मचारी तथा 1,673 आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं।सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 215 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, 19 जेसीबी, 504 अतिरिक्त कर्मचारी तथा 72 अतिरिक्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी तैनात की गई हैं। इन संसाधनों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सफाई कार्यों को संचालित किया जा रहा है।
* स्वीपिंग मशीनों से होगी मुख्य सड़कों की सफाई*
मुख्य सड़कों की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 23 मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें उपलब्ध हैं। प्रत्येक मशीन की रिपोर्टेड क्षमता करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन है तथा कुल रिपोर्टेड दैनिक कवरेज करीब 690 किलोमीटर है। इन मशीनों का उपयोग मुख्य रूप से 20 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर किया जाता है। मशीनों का संचालन रात्रि 9 बजे से सुबह 7 बजे तक किया जाता है। सफाई के दौरान एकत्रित धूल को आगे के प्रसंस्करण के लिए बसई स्थित सीएंडडी वेस्ट प्लांट भेजा जाता है।
*159 जीवीपी के रखरखाव के लिए 63 समर्पित यूनिट*
नगर निगम क्षेत्र में चिन्हित जीवीपी के नियमित रखरखाव एवं सफाई के लिए 63 समर्पित यूनिट तैनात की गई हैं। प्रत्येक यूनिट में एक ट्रैक्टर, तीन ट्रॉलियां और एक कर्मचारी शामिल है। इन यूनिटों का उद्देश्य जीवीपी से नियमित रूप से कचरा उठाना तथा इन स्थानों पर दोबारा कचरा जमा होने की स्थिति को नियंत्रित करना है।
*बंधवाड़ी में 41.18 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट का निस्तारण*
सितंबर 2026 की वेस्ट इन्वेंटरी के अनुसार बंधवाड़ी में कुल करीब 57.64 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट दर्ज है। इसमें से 41.18 लाख मीट्रिक टन का प्रसंस्करण किया जा चुका है, जबकि करीब 16.46 लाख मीट्रिक टन की रिपोर्टेड मात्रा शेष है। लीगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करते हुए बंधवाड़ी में कचरे के दबाव को कम करना है।
*सीएंडडी वेस्ट के प्रसंस्करण और रिसाइक्लिंग पर जोर*
बैठक में निर्माण एवं विध्वंस यानी सीएंडडी वेस्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। बसई स्थित सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की क्षमता करीब 1,200 टीपीडी तक बढ़ाई गई है। जनवरी से जून 2026 के दौरान करीब 2,00,109 मीट्रिक टन उपयोग योग्य रिसाइकिल्ड उत्पाद तैयार किए गए। इनमें एग्रीगेट्स, डस्ट, मिट्टी और एम-सैंड शामिल हैं। इन उत्पादों का उपयोग सड़क निर्माण, फिलिंग तथा अन्य निर्माण कार्यों में किया जा सकता है। इससे सीएंडडी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ-साथ निर्माण सामग्री के पुन: उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है।
*स्वच्छता ही सेवा’ और ‘सेवा मेरा योगदान’ से बढ़ी जनभागीदारी*
बैठक में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ एवं ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत आयोजित की जा रही जागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 17 सितंबर को जॉन हॉल, वार्ड-13 में अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसमें करीब 175 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में लोगों को चार श्रेणी कचरा अलगाव, होम कंपोस्टिंग, सिंगल-यूज प्लास्टिक से बचाव तथा 3आर के बारे में जागरूक किया गया। विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों को स्वच्छता दूत के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, ताकि स्वच्छता का संदेश अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाया जा सके।
*नागरिक शिकायतों के समाधान और प्रॉपर्टी IDपर जोर*
बैठक में नागरिक शिकायतों तथा प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने तथा संबंधित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया गया। प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े मामलों में नागरिकों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों के समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
*आयुक्त ने समयबद्धता और फील्ड मॉनिटरिंग पर जोर*
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा के आयुक्त व सचिव अशोक कुमार मीणा ने विकास एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत चल रहे कार्यों में आने वाली भूमि, स्वीकृति, टेंडर तथा अन्य विभागीय बाधाओं को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए कार्य की गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमित फील्ड मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, रोड स्वीपिंग, जीवीपी प्रबंधन और वैज्ञानिक कचरा निस्तारण के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए जहां भी किसी स्तर पर बाधा आ रही हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम का उद्देश्य विकास कार्यों, स्वच्छता सेवाओं, ठोस कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाते हुए शहर में व्यवस्थित एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए नियमित समीक्षा, फील्ड मॉनिटरिंग, संसाधनों के बेहतर उपयोग और जनभागीदारी को साथ लेकर कार्य किया जा रहा है।
