झज्जर, सतीश कौशिक: देश में कोविड 2019 कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में झज्जर की सड़कों को जाम करने के आरोपी भीमसेना एवं संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्रीमती मीनू की अदालत में गुपचुप तरीके से सरेंडर कर जमानत याचिका दाखिल की। मामले पर तत्परता से सुनवाई करते हुए अदालत ने तंवर को 70 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करते हुए उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिए।
* मुख्य आरोपी नवीन पर नया खुलासा*
यह मामला 2020 का है, जब गांव मातनहेल के एक पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। सतपाल तंवर ने अदालत को बताया कि वे इस प्रदर्शन में शामिल ही नहीं थे और पुलिस ने जबरन उनका नाम इसमें घसीटा है। उन्होंने अदालत को जानकारी दी कि उनकी निजी छानबीन के अनुसार इस प्रदर्शन का मुख्य आयोजक झज्जर निवासी नवीन है, जो गुरुग्राम टेलीफोन एक्सचेंज में कार्यरत सरकारी कर्मचारी है। अदालत ने तंवर के इस बयान का संज्ञान लिया है, जिसके बाद पुलिस जल्द ही नवीन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उसे मुख्य आरोपी बना सकती है।
*पुलिस की नाकामी और कोर्ट का जुर्माना*
तंवर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें न तो सीआरपीसी 41ए का नोटिस दिया गया और न ही अदालत का कोई समन मिला। आरोपी की गैर-मौजूदगी के चलते वर्ष 2023 में अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किए थे, लेकिन कोई पुलिसकर्मी वारंट लेकर उनके पास नहीं पहुंचा। तंवर को गिरफ्तार करने के लिए अदालत ने पुलिस को 30 सितंबर से पहले पेश करने के आदेश दिए थे। साथ ही कुर्की, उद्घोषणा और भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होने ही वाली थी कि उससे पहले तंवर ने आनन-फानन में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे झज्जर पुलिस हाथ मलती रह गई। सुनवाई के दौरान आदेश के बावजूद जांच अधिकारी के पेश न होने पर कोर्ट ने उन पर जुर्माना भी लगाया।
*वकीलों व समर्थकों की भीड के साथ कोर्ट पहुंचे*
वहीं तंवर सरेंडर के दौरान फिल्मी अंदाज में वकीलों की भारी-भरकम टीम, सहयोगियों, निजी सुरक्षाकर्मियों और हरियाणा पुलिस सुरक्षा के साथ कोर्ट पहुंचे। उनकी कानूनी टीम में निशा तंवर, जितेंद्र कौशिक, साहस, सचिन, कुलदीप सिंह मालिक, रवि इंदौरा, अरुण कुमार, राकेश पुनिया आदि (सभी एडवोकेट) शामिल थे। उनके साथ शिवानी तंवर, विवेक कुमार, दीवान सिंह और निकिता प्रजापत आदि भी मौजूद रहे। तंवर के झज्जर पहुंचने की खबर मिलते ही कार्यकर्ताओं का हुजूम कोर्ट परिसर की तरफ उमड़ पड़ा। अदालत से जमानत मिलने के बाद भीमसेना के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने कोर्ट परिसर में मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया।

