रोहतक, सतीश भारद्वाज : आंगनवाड़ी हेल्पर के रूप में 38 साल से अधिक का लंबा सफर और इस सफर में बेदाग छवि लेकर सेवानिवृत्त होना किसी भी सरकारी कर्मचारी के लिए सौभागय की बात होती है। ऐसी ही छवि की धनी श्रीमती राजकुमारी को आंगनवाड़ी के इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा। उनकी सेवानिवृत्ति होना एक प्रक्रिया है, लेकिन उन्होंने अपने काम से जो विभाग में नाम कमाया है वह अमिट रहेगा। यह बात कलानौर ब्लॉक से आंगनवाड़ी सुपरवाइजर मीना देवी ने बुधवार को गांव तैमूरपुर (जेठपुर) जिला रोहतक में आंगनवाड़ी हेल्पर श्रीमती राजकुमारी की सेवानिवृत्ति पर कही।
इस अवसर पर आशा वर्कर आशा देवी, तैमूरपुर गांव से आंगनवाड़ी वर्कर मीना, बल्म गांव से वन्दना, विनोद, ककराना गांव से किरण, बबली, गांव सुण्डाना से वर्कर नीलम, गांव गढ़ी से वर्कर ईश्वन्ती के अलावा बल्म से हेल्पर ईश्वन्ती व शकुन्तला मौजूद रहीं। श्रीमती राजकुमारी को सेवानिवृत्ति पर नोटों की मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। गांव के पूर्व सरपंच रणधीर सिंह ने भी आंगनवाड़ी हेल्पर के रूप में श्रीमती राजकुमारी के कार्यकाल को सराहा। आंगनवाड़ी के अस्तित्व में आने के समय से ही हेल्पर के रूप में कार्यरत रहीं श्रीमती राजकुमारी सिर्फ एक काम से ही अपनी पहचान नहीं रखतीं, बल्कि वे प्रबंधन में भी अव्वल कही जा सकती हैं। कम पारिश्रमिक में घर की जिम्मेदारियों, घर के खर्चों को वहन करने के बाद भी बचत करना अपने आप में बहुत बड़ा प्रबंधन होता है। अपने सेवाकाल में श्रीमती राजकुमारी ने यह सब किया।
आंगनवाड़ी सुपरवाइजर मीना देवी ने कहा कि 38 साल से ज्यादा समय की नौकरी अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि श्रीमती राजकुमारी के साथ उनका कई वर्ष का अनुभव है। जो काम उन्हें दिया गया, वह पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी से किया। उनमें कभी नेगेटिव ना तो विचार आए और ना ही नेगेटिव सोच। काम को उन्होंने प्राथमिकता से किया।
उन्होंने कहा कि उनके अधीन 22 हेल्पर हैं, जिसमें श्रीमती राजकुमारी सबसे ऊपर रही हैं। उनका काम बेस्ट रहा है। हर वर्कर के साथ हेल्पर के रूप में उन्होंने परिवार की तरह मिलकर काम किया। शांतिप्रिय होना उनका सबसे बड़ा गहना है। आज के दौर में ऐसे शांतिप्रिय व्यक्तित्व होना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति का दिन सभी कर्मचारियों के जीवन में आए, ऐसी वे काम करती हैं। श्रीमती राजकुमारी के साथ बतौर पहली आंगनवाड़ी वर्कर श्रीमती ईश्वंती देवी ने कहा कि हम वर्षों तक साथ रहे। उनके साथ परिवार की तरह संबंध बने हैं।
उन्होंने कहा कि जो भी आंगनवाड़ी वर्कर, उनके लिए राजकुमारी एक आदर्श उदाहरण हैं। उनके साथ नौकरी के दौरान कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। ईश्वंती देवी ने कहा कि उनके बाद भी जो आंगनवाड़ी वर्कर आई हैं, सबके साथ राजकुमारी ने परिवार के सदस्य के जैसे संबंध रखे हैं। यह उनकी सबसे बड़ी खूबी है। वर्तमान में आंगनवाड़ी वर्कर मीना ने कहा कि आज का दिन उनके लिए खुशी का इसलिए है कि श्रीमती राजकुमारी इतने लंबे समय की सेवा के बाद बेदाग छवि से रिटायर हो रही हैं। उनके साथ काम करते हुए कभी ऐसा लगा ही नहीं कि हम किसी भी तरह से अलग हैं। आंगनवाड़ी कर्मचारी के रूप में उनका काम हमेशा याद रहेगा।


