गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने कहा कि साल 2026 की शुरुआत में गुडग़ांव की करीब 200 कालोनियों में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। चंदू बुढेड़ा प्लांट से बसई प्लांट तक आने वाली 1600 एमएम की मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से तो यह समस्या आई है, लेकिन तीन दिन में भी इस समस्या का समाधान संबंधित विभाग जीएमडीए नहीं कर पाया है। ऐसे में यहां बड़े-बड़े अनुभवी अधिकारियों की फौज और उनकी इंजीनियरिंग धरी रह गई है। मुख्यमंत्री यहां आकर चले जाते हैं, लेकिन इस मूलभूत समस्या को लेकर अधिकारियों को कोई दिशा-निर्देश या आदेश नहीं देते। सरकार ने भी गुडग़ांव को अधिकारियों के भरोसे छोड़ दिया है, जो यहां की जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे।
जिला अध्यक्ष ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बसई ट्रीटमेंट प्लांट की 1600 एमएम की मुख्य पाइप लाइन तीन दिन पहले क्षतिग्रस्त हुई थी। 11-12 जनवरी से पुराने गुडग़ांव की न्यू कालोनी, मदनपुरी कालोनी, सेक्टर-4, सेक्टर-5, सेक्टर-7, सेक्टर-9, सेक्टर-12, साथ ही सेक्टर-एक से सेक्टर-23 तक और द्वारका एक्सप्रेस-वे के साथ बसे सेक्टर-81 से 115 तक के क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बाधित हो गई। कहने को तो जीएमडीए इस लाइन की मुरम्मत का काम कर रहा है, लेकिन जिन कालोनियों में पानी की किल्लत हुई है, वहां पर पर्याप्त मात्रा में और सही तरीके से पानी की सप्लाई के अन्य माध्यमों को सुचारू नहीं किया गया। टैंकरों पर लोग निर्भर हैं। टैंकर भी हर जगह पर नहीं पहुंच रहे। दावे किए जा रहे हेँ कि कुछ दिन के लिए वैकल्पिक तौर पर बसई प्लांट से व्यवस्था की गई है, लेकिन वहां से पानी हर कालोनी, हर क्षेत्र में नहीं पहुंच पा रहा। हजारों लोग टैंकरों से पानी की सप्लाई पर निर्भर हो गए हैं। पानी की इस किल्लत से गुडग़ांव की करीब 200 कालोनियों प्रभावित हुई हैं। कहने को तो 13 जनवरी तक पानी सुचारू होने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। टैंकरों से लोग ज्यादा दाम लेकर पानी खरीदने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह मिलेनियम सिटी के हालात हैं। विदेशों में इस शहर की मजबूत साख को भी इस तरह की समस्या से दाग लगता है। इतने बड़े स्तर पर यहां प्रशासन काम करता है। नगर निगम, जीएमडीए और जिला प्रशासन यहां पर हैं। गुडग़ांव में पानी की पाइन लाइनों को दुरुस्त करनें में इतना अधिक समय लगने का काम नहीं होना चाहिए। इंजीनियरों की फौज यहां पर भरी पड़ी है, इसके बावजूद यहां पानी की पाइनलाइन को ठीक करने में तीन दिन से अधिक का समय लग जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को गुडग़ांव की इस समस्या को लेकर जमीनी स्तर पर काम करते हुए भविष्य के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। हर स्तर पर सरकार आम जनता से टैक्स वसूल रही है। जनता को उस टैक्स के बदले सुविधाएं भी निरंतर मिलनी चाहिए। लोगों द्वारा टैक्स भरने में देरी होने पर उन पर जुर्माना लगाया जाता है। उनके संस्थान सील किए जाते हैं। ऐसे में सरकार को भी जनता को इस समस्या के लिए किसी न किसी रूप में राहत देनी चाहिए।

