गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को 6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए हैं। जिसमें गुरुग्राम निवासी भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव का नाम भी शामिल है, जिन्हें कर्नाटक राज्य का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में थावरचंद गहलोत की जगह लेंगी।भाजपा के सबसे ताकतवर नीति-निर्धारक निकाय ‘केंद्रीय संसदीय बोर्ड’ और ‘केंद्रीय चुनाव समिति’ में शामिल डॉ. सुधा यादव, सुषमा स्वराज के बाद इस सर्वोच्च बोर्ड में पहुंचने वाली दूसरी महिला नेता हैं।
सुधा यादव के पति सुखबीर सिंह यादव BSF के डिप्टी कमांडेंट थे और वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। इसके बाद तत्कालीन हरियाणा भाजपा प्रभारी नरेंद्र मोदी के विशेष आग्रह पर उन्होंने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव साल 1999 में हरियाणा की महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से लड़ा और भारी मतों से जीतकर संसद पहुंची थीं।
*सासंद से कर्नाटक के राज्यपाल तक का सफर*
डॉ. सुधा यादव का जन्म हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव मोतला कलां में हुआ था। अभी वे गुरुग्राम के सेक्टर-10 में रहती हैं। सुधा यादव ने 1987 में IIT रुड़की से केमिस्ट्री में MSc की डिग्री हासिल की और वहीं से 1992 में केमिस्ट्री में PhD भी की। उन्होंने हरियाणा की विभिन्न संस्थाओं में भी नौकरी की है,उन्हें ‘प्रेसिडेंट्स गाइड अवॉर्ड’ भी मिल चुका है।
*संसदीय बोर्ड में भी शामिल हुईं*।
डा. सुधा यादव 1999 में महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद चुनी गईं। इस चुनाव में उन्होंने अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत को एक लाख 39 हजार वोटों से हराया था। श्री राव ने उस समय कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लडा था। बाद में वे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य भी बनीं। वहीं अगस्त 2022 में उन्हें भाजपा के संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया। उस समय नरेंद्र मोदी भाजपा के प्रदेश प्रभारी थे। उन्होंने ही डॉ. सुधा यादव को उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव रखा था।
*संगठनात्मक अनुभव को देख बनाया गया गर्वनर*
डॉ. सुधा यादव को अब उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में एक बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह है कि पार्टी ने अपने दिग्गज नेता नितिन गडकरी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संसदीय बोर्ड से बाहर कर दिया है जबकि सुधा यादव सहित बीएस येदयुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुराऔर सत्यनारायण जटिया को नए चेहरे को तौर पर बोर्ड में शामिल किया है।
पानीपत की रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना गुप्ता को 28 मई 2026 को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी है। भाजपा का महिला लीडरशिप पर फोकस यह पहली बार नहीं है, जब हरियाणा में महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले पानीपत की रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी है। 43 साल बाद कोई महिला हरियाणा BJP की अध्यक्ष बनी हैं। इनसे पहले 1980 में डॉ. कमला वर्मा (स्व.) हरियाणा में पार्टी की पहली महिला अध्यक्ष बनीं थी।भाजपा ने हाल ही में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों की नियुक्ति की थी।
हरियाणा की जिम्मेदारी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को सौंपी गई है। जुलाई 2024 से डॉ. सतीश पूनिया हरियाणा प्रभारी थे, बाद में उन्हें पंजाब का जिम्मा दिया गया था। भाजपा ने पहली बार हरियाणा का प्रभार किसी महिला नेता को दिया है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को तेलंगाना की सह प्रभारी नियुक्त किया गया है।

