गुरुग्राम, सतीश कौशिक : दिल्ली में प्रदर्शन में जाने की जिद पर अड़े भीमसेना एवं संविधान सुरक्षा पार्टी (SSP) के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर को शनिवार सुबह कड़े पुलिस पहरे के बीच उनके पैतृक गांव खांडसा स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

हरियाणा पुलिस की उक्त कार्रवाई के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। तंवर ने इस पूरी कार्रवाई को केंद्र सरकार की बौखलाहट और तानाशाही करार दिया है। “संवैधानिक अधिकारों का गला घोंट रही सरकार” नजरबंद किए जाने के बाद नवाब सतपाल तंवर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भीम सेना ने दिल्ली पुलिस से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की विधिवत अनुमति मांगी थी, जिसे जानबूझकर ठुकरा दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।> “यह तो अभी शुरुआत है। हमें हाउस अरेस्ट करके हमारे संवैधानिक और मौलिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। अब हम चुप नहीं बैठेंगे, इस आंदोलन को और अधिक तेजी तरीके से बढ़ाया जाएगा। अब हम सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।”> खुफिया इनपुट और जान का खतरा: पुलिस तंवर के दल-बल और काफिले के साथ दिल्ली कूच करने की भनक मिलते ही खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया। आला अधिकारियों के सख्त निर्देशों के बाद सेक्टर 37 थाने की पुलिस दल-बल के साथ उनके खांडसा आवास पर पहुंच गई।
मौके पर मौजूद एसएचओ मंजीत कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते सतपाल तंवर को नजरबंद किया गया है।> “खुफिया रिपोर्ट और इनपुट मिले हैं कि दिल्ली की भीड़भाड़ में सतपाल तंवर की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। पूर्व में भी उन पर कई बार कातिलाना हमले हो चुके हैं। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”> प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उनके गुरुग्राम के सेक्टर 50 स्थित फ्लैट पर भी पुलिस बल तैनात कर दिया है और उनकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। आंदोलन और तेज होने के संकेत भीमसेना प्रमुख के हाउस अरेस्ट होने के बाद उनके समर्थकों और भीमसेना कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में है, वहीं दूसरी ओर तंवर के तेवर और कड़े हो चुके हैं। इस घटनाक्रम से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा बड़ा तूल पकड़ सकता है।
