गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से द अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन के सहयोग से शीतला माता मंदिर परिसर में नवरात्रि के दौरान 11 से 20 अक्टूबर तक कानूनी जागरूकता स्टॉल लगाया गया है। स्टॉल के माध्यम से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों, हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पंचकूला के मार्गदर्शन तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम के अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के निर्देशन में यह पहल की गई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम निशा ने बताया कि स्टॉल पर पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को कानूनी प्रक्रियाओं और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी मिल सके।
स्टॉल पर मौजूद पैनल अधिवक्ता सुनील शर्मा ने श्रद्धालुओं को 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लोगों को आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान कराने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान श्रम विभाग, जिला बाल कल्याण, जिला स्वास्थ्य विभाग और जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से भी सूचना स्टॉल लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से लोगों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी। पात्र व्यक्तियों के आवेदन भरवाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें संबंधित योजनाओं का लाभ लेने में मदद मिल सके।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के माध्यम से पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता और लोक अदालत एवं मध्यस्थता के जरिए विवादों का समाधान कराया जाता है। इसके अलावा घरेलू हिंसा, बाल अधिकार, श्रमिक अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों और उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में भी मार्गदर्शन दिया जाता है। इस पहल का उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें उपलब्ध विधिक सेवाओं से जोड़ना है।
