गुरुग्राम,सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान एवं भाषा विभाग तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद्, गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में सेक्टर 51 सभागार में ‘हिंदी का उत्सव 2026’ के अंतर्गत राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हिंदी साहित्य, हास्य-व्यंग्य और राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत कविताओं की सुमधुर प्रस्तुति ने सभागार को भावविभोर कर दिया।राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
राष्ट्रीय कवि गजेन्द्र सोलंकी की उपस्थिति में आयोजित इस सम्मेलन में हास्य कवि शम्भू शिखर, सुदीप भोला, चरणजीत चरण तथा सुन्दर कटारिया ने अपनी हास्य-व्यंग्य कविताओं से माहौल को हल्का-फुल्का और ऊर्जावान बना दिया। कवियों की प्रस्तुतियों में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और हिंदी भाषा के प्रति गौरव की भावना स्पष्ट रूप से झलकी।कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक एवं गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कौशिक ने कहा, “हिंदी हमारी पहचान है, हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। ऐसे राष्ट्रीय कवि सम्मेलन न केवल भाषा को समृद्ध करते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी में हिंदी के प्रति गर्व और लगाव भी जाग्रत करते हैं। गुरुग्राम विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा और भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। आज का यह आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने सभी कवियों, आयोजकों और प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से हिंदी की लोकप्रियता और उसकी साहित्यिक गरिमा और अधिक मजबूत होती है I
कार्यक्रम में संरक्षक के रूप में डॉ. अमरजीत कौर तथा प्रो. राकेश कुमार योगी उपस्थित रहे। इस राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह ने एक बार फिर सिद्ध किया कि हिंदी न केवल संवाद की भाषा है, बल्कि भावनाओं, विचारों और संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति भी है।


