*गुरुग्राम में स्मार्ट वाटर मीटर लगाने की पायलट परियोजना की शुरूआत सेक्टर-45 से हुई।
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: नगर निगम गुरुग्राम ने जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में पहल करते हुए सेक्टर-45 में स्मार्ट वाटर मीटर लगाने का पायलट कार्य शुरू कर दिया है। इस पहल के तहत सेक्टर-45 में अल्ट्रासोनिक स्मार्ट वाटर मीटर स्थापित किए गए। पायलट आधार पर शुरू की गई इस परियोजना के माध्यम से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।अल्ट्रासोनिक स्मार्ट वाटर मीटर पारंपरिक जल मीटरों के स्थान पर आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में एक कदम है। इस पहल का उद्देश्य जलापूर्ति और पानी की खपत से संबंधित मापन व्यवस्था को बेहतर बनाने की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।*पायलट आधार पर शुरू हुआ मीटर लगाने का कार्य*नगर निगम द्वारा स्मार्ट वाटर मीटर लगाने के लिए कार्यादेश जारी किया गया था। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं तथा हैंडहेल्ड यूनिट के माध्यम से डेटा संग्रह से संबंधित उपयोग के लिए अल्ट्रासोनिक प्रकार के स्मार्ट वाटर मीटर उपलब्ध कराने और स्थापित करने का कार्य शामिल है। कार्यादेश के अनुसार, निर्माण एवं स्थापना कार्य की निर्धारित अवधि 15 अक्टूबर 2026 से 14 दिसंबर 2026 तक है। परियोजना के अंतर्गत कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित शर्तों के अनुरूप निष्पादन सुनिश्चित किया जाना है।*आधुनिक तकनीक से जल प्रबंधन को बेहतर बनाने की पहल*जल संसाधनों का उचित उपयोग और पानी की खपत का सटीक मापन बेहतर जल प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलू हैं। स्मार्ट वाटर मीटर लगाने की यह पायलट पहल नगर निगम को आधुनिक मीटरिंग व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है। सेक्टर-45 में मीटर स्थापित किए जाने के साथ परियोजना का प्रारंभिक कार्य शुरू हो गया है। पायलट चरण के अनुभवों के आधार पर आगे की प्रक्रिया को निर्धारित कार्यादेश और संबंधित तकनीकी शर्तों के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।*जल संरक्षण और बेहतर नागरिक सेवाओं की दिशा में कदम*निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार नगर निगम गुरुग्राम द्वारा स्मार्ट वाटर मीटर लगाने की पहल जलापूर्ति व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक मीटरिंग व्यवस्था के माध्यम से पानी की खपत के मापन को अधिक व्यवस्थित बनाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। नगर निगम का यह प्रयास जल प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और नागरिक सेवाओं में तकनीकी समाधान अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने का हिस्सा है।
