गुरुग्राम, सतीश कौशिक : निगम क्षेत्र के गांव मोलाहेड़ा निवासी एक वरिष्ठ नागरिक ने डीजीपी हरियाणा पुलिस को दरखास्त भेजकर अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी ओर से 27 सितंबर 2026 को गांव के वेद प्रकाश और शकुंतला देवी के खिलाफ दी गई शिकायत की जांच के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उन्हें फर्जी मामले में फसाने की धमकी दी है।
पीड़ित महिपाल यादव की शिकायत अनुसार बताया गया है कि गत 28 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे वह अपने घर पर खाना खाने और दवाई लेने के बाद आराम कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार दो पुलिस के हवलदार उनके घर पहुंचे। इनमें हवलदार जितेंद्र को वह पहचानते हैं। जो थाना पालम विहार में कार्यरत हैं,शिकायत के मुताबिक जितेंद्र ने उनसे कहा कि उन्हें थाने में साहब बुला रहे हैं तुम्हारे खिलाफ थाने में शिकायत आई है। जब पीड़ित ने शिकायत की प्रति और नोटिस देने की बात कही तो आरोप है कि हवलदार ने उन्हें धमकी भरे लहजे में कहा कि उसका ऐसा हाल करेगा कि बुढ़ापा खराब हो जाएगा।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनकी 27 सितंबर 26 की दी हुई शिकायत की जांच हवलदार जितेंद्र कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हवलदार जितेंद्र, अनिल धनखड़ और दिनेश राठी का साथी रहा है, जिसके खिलाफ उन्होंने 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत उच्च अधिकारियों को भेज रखी है। इसी कारण जितेंद्र उनसे रंजिश रखता है, अंदेशा है कि उनके खिलाफ झूठी शिकायत लेकर किसी फर्जी मामले में फंसाया जा सकता है।महिपाल यादव ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि वेद प्रकाश आदि के साथ उनके बेटे का जमीन के बंटवारे को लेकर सिविल विवाद अदालत में चल रहा है। उन्होंने थाना प्रभारी से अपनी पूर्व शिकायत पर कार्रवाई करने के साथ-साथ स्वयं और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। जिसकी एक एक प्रति सीपी तथा डीजीपी को भी भेजी है।
बता दें कि मोलाहेड़ा के ग्रामीणों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि गांव का वेदप्रकाश तथा उसकी पत्नी शकुंतला देवी ने गांव का माहौल खराब कर रखा है, सरकारी जमीनों पर कब्जा कर अवैध सब्जी मंडी लगवाकर पुलिस की शय पर वसूली कर रहे हैं, जिसकी शिकायत भी कई दफा ग्रामीण तथा आरडब्ल्यूए सैक्टर 22 डी पाकेट के प्रधान कर चुके हैं। वहीं वेदप्रकाश तो एक किमीनल व्यक्ति हैं,जिसपर पहले भी कई केस दर्ज हो चुके हैं,उसने तो पटौदी क्षेत्र के गांव रामपुर स्थित गौशाला में भी लाखों रुपए दान में भी हेराफेरी की है,जिसपर क्षेत्र में कई दफा पंचायत भी हो चुकी है। उसने तो गांव मोलाहेडा के राजस्व खसरा नंबर 57 पर भी अवैध रूप से कब्जा करके बिना किसी अनुमति के चार मंजिला पीजी खोल रखा है। जिसमें काफी अवैध धंधे चल रहें हैं। वहीं अदालत में अपनी झूठी गवाही में यह कहता है कि मेने तो निगम बनने से पहले मकान बनाया हुआ है, जबकि देखना से मकान बिल्कुल नया बना हुआ है। जो नगर निगम की जमीन पर बना हुआ है। वहीं कई जमीनों में धोखाधड़ी करने की भी आरोप लगें हैं।


