गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : पुलिस थाना साईबर अपराध दक्षिण टीम को 9 अगस्त को एक लिखित शिकायत फोन कॉल पर फर्जी बैंक कर्मचारी बनकर क्रेडिट कार्ड में प्वाइंट रिडीम करके फर्जी लिंक के माध्यम से फोन में एक ऐप डाउनलोड करवाकर उस ऐप के माध्यम से क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स भरवाकर और इससे ओटीपी पूछकर रुपए धोखाधड़ी से ट्रांसफर करने बारे प्राप्त हुई। जिस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस प्रवक्ता ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि एसीपी प्रियान्शु दीवान के नेतृत्व में निरीक्षक नवीन कुमार प्रबन्धक थाना साईबर अपराध दक्षिण गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए शुक्रवार देर रात सैक्टर-30 स्थित एक कॉल सेन्टर पर छापेमारी करके 06 आरोपियों को काबू किया है, जिनकी पहचान अंसार खांन, अहजाज दोनों निवासी जुरहेरा, जिला भरतपुर (राजस्थान), निसार खांन निवासी रामपुरा, जिला अलवर (राजस्थान), योगेंद्र निवासी कर्मपुरा एफ ब्लॉक, दिल्ली,सूरज कुमार रामपुरा भिवाड़ी, जिला अलवर (राजस्थान) व एक महिला सरिता निवासी शीतला खेत सरला रौतेला, जिला अल्मोड़ा (उत्तराखंड) के रुप में हुई। पुलिस टीम द्वारा काबू किए गए सभी आरोपियो को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि इस कॉल सेन्टर का मालिक/संचालक अनुज नामक व्यक्ति है, जो कभी कभी कॉल सेन्टर पर आता है। अनुज द्वारा इस कॉल सेन्टर को पिछले 03 महीनों से संचालित कर रहे है। ये (आरोपी) अनुज के बताए अनुसार लोगों को फोन करके उनसे सम्पर्क करते है और स्वयं को बैंक का कर्मचारी बताकर व क्रेडिट कार्ड को रिडीम करने का लालच देते हुए एक फेक ऐप का लिंक उन्हें भेज देते है, फिर उस ऐप को उनके फोन में इंस्टाल करवाकर उस ऐप में क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स भरवाते है और ओटीपी पूछकर उसके क्रेडिट कार्ड से रुपए ट्रांसफर कर लेते है। ये उन ट्रांसफर किए गए रुपए का पेट्रो कार्ड खरीदकर टैक्सी ड्राइवरों को बेच देते है, फिर उन रुपए को नकदी में बदलकर प्राप्त कर लेते। आरोपियों द्वारा बताया गया कि उपरोक्त फर्जीवाड़ा करने के लिए ये क्रेडिट कार्ड से बैंक खाते में ट्रांसफर होने वाली राशि का 10% कमीशन प्राप्त करते है।
पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जा से कुल 11 मोबाईल फोन बरामद किए गए है। पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

