
पंचकूला,सतीश भारद्वाज : हरियाणा में पूर्व विशेष सीबीआई जज सुधीर परमार के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हिमांशु सिंह की अदालत ने विशेष अदालत को सौंप दिया है। यह मामला अब पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई/पीएमएलए अदालत में चलेगा। अदालत ने यह आदेश गत दिनों दिया है। राज्य सतर्कता ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो, पंचकूला ने 17 अप्रैल 2023 को यह मामला दर्ज किया था। एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 8, 11 और 13 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत आरोप लगाए गए हैं।
उक्त मामले में सुधीर परमार के अलावा गुरुग्राम निवासी अजय परमार, ललित गोयल, रूप बंसल और नई दिल्ली निवासी अनिल भल्ला आरोपी हैं। अदालत ने इस मामले को राजीव गोयल, विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) को सौंपा है, जो पंचकूला में विशेष सीबीआई जज भी हैं। हालांकि, इस मामले की सुनवाई वह पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश के रूप में करेंगे।मामले के अनुसार, सुधीर परमार जब पंचकूला में सीबीआई और ईडी मामलों के विशेष न्यायाधीश के पद पर तैनात थे, तब उन्होंने कथित तौर पर एम3एम ग्रुप के मालिक और प्रमोटर रूप बंसल व उनके भाई बसंत बंसल तथा आईरियो ग्रुप के मालिक और प्रमोटर ललित गोयल को अनुचित लाभ पहुंचाया। ये सभी आरोपी पीएमएलए और सीबीआई से जुड़े मामलों में उनके समक्ष पेश थे। आरोप है कि यह लाभ रिश्वत और अन्य अनुचित लाभ के बदले दिया गया।जांच में यह भी सामने आया कि सुधीर परमार अपने भतीजे अजय परमार के माध्यम से एम3एम ग्रुप के संपर्क में थे और अजय परमार के फोन से फेसटाइम और व्हाट्सएप के जरिए रूप बंसल से बातचीत की गई। जांच एजेंसी ने कॉल रिकॉर्ड, ऑडियो रिकॉर्डिंग और वॉयस सैंपल भी एकत्र किए हैं।
पुर्व जज व वेदपाल गुप्ता और रूप बंसल के वॉयस सैंपल भी जांच का हिस्सा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान आरोपी रूप बंसल ने पीएमएलए की धारा 44(1)(c) के तहत आवेदन दायर कर अनुसूचित अपराध से जुड़े मामले को विशेष पीएमएलए अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया, लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आवेदन स्वीकार कर लिया। अदालत ने निर्देश दिया है कि पूरा केस रिकॉर्ड 10 फरवरी को पंचकूला स्थित विशेष न्यायाधीश राजीव गोयल की अदालत में पेश किया जाए, जहां पीएमएलए के तहत मामले की सुनवाई होगी।

