
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम निवासी सतबीर सिंह ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने थाना फरुखनगर क्षेत्र में बीते दिनों ईवीआर 112 नंबर पर गोलियां चलने की झूठी सूचना दिए जाने के मामले में सूचना देने वाले के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 (पूर्व में आईपीसी की धारा 182) के तहत त्वरित कार्रवाई करने पर गुरुग्राम पुलिस की सराहना की। जिसके बारे में पुलिस के पीआरओ ने सरकारी प्रेस नोट भी मिडिया को जारी किया है। सतबीर सिंह का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर कानून के पालन का उदाहरण पेश किया।
उन्होंने थाना पालम विहार पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। सतबीर सिंह के अनुसार, भाजपा के पूर्व पार्षद रविंद्र, गांव मोलाहेडा के मामले में पुलिस ने मिलीभगत कर उनके खिलाफ झूठा आरोप लगाया कि उन्होंने रविंद्र के बेटे की दो तोले की चेन छीनी। सतबीर ने कहा कि इस आरोप की सच्चाई आरटीआई के माध्यम से सामने आई, जिसमें थाना पालम विहार पुलिस ने स्वयं इस शिकायत को झूठा पाया। जिसके सभी सबुत व लिखीत दरखास्त के साथ कई बार डीसीपी करण गोयल, सीपी विकास अरोड़ा और थाना स्तर पर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने उनकी मदद नहीं की। उनका आरोप है कि एक तरफ पुलिस झूठी सूचना मिलने पर तुरंत धारा 182 के तहत कार्रवाई कर देती है, वहीं दूसरी ओर प्रभावशाली लोगों के मामलों में पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। केवल दरखास्त लेकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। जबकि आरोपी रविंद्र की शिकायत पर पुलिस तुरंत कार्रवाई कर देती है।
सतबीर सिंह ने इसे पुलिस विभाग की “दोगली नीति” बताते हुए कहा कि कुछ मामलों में तुरंत कार्रवाई होती है, जबकि अन्य मामलों में ऐसा प्रतीत होता है मानो थाने में किसी खास व्यक्ति का ही आदेश चलता हो। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।

