

गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: एक तरफ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री व डीजीपी हरियाणा आए दिन मीडिया में प्रदेश में अमन शांति व अपराधियों पर नकेल कसने के दावे करते रहते हैं वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के हर जिले थाना क्षेत्रों में बदमाशों व दबंग रसूखदार नेताओं द्वारा गरीब असहाय लोगों के साथ मारपीट, उनकी जमीनों मकानों पर जबरदस्ती कब्जा करना, जान से मरवाने की धमकी देना वहीं बदमाशों से हत्या करवाने की धमकी देने के अनेक मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। जिस पर ना तो पुलिस प्रशासन ही और ना ही राजनेता ही कोई ठोस कदम उठा रहे हैं जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। जिसमें पुलिस पर भी दबंगों से मिली भगत के आरोप लग रहे हैं। लेकिन फिर भी कुछ भ्रष्ट व लापरवाह पुलिस अधिकारी इतने चिकने घड़े हो गए हैं कि उन पर किसी भी गरीब पीड़ित की मदद करने का साहस नहीं रहा है। क्योंकि जो ईमानदार पुलिस अधिकारी किसी दबंग पर कार्रवाई करने का मन बनाते हैं, तो उनका अपने राजनीतिक आकाश से कहकर बदली करवा देते हैं। ऐसे अनेक मामले गुरुग्राम पुलिस में काफी देखे जा सकते हैं। ऐसा ही एक मामला बीजेपी के पूर्व पार्षद का सामने आया है। जो स्थानीय थाना पालम विहार पुलिस पर दबाव बनाकर पीड़ितो को तरह-तरह से प्रताड़ित कर उसके मकान पर कब्जा करना चाह रहा है। जिसकी पीड़ित ने पुलिस में शिकायत देने के बाद भी मिली भगत से कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सैक्टर 9 निवासी सतबीर नामक पीड़ित व्यक्ति ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर पूर्व पार्षद रविंद्र यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने जो शिकायत सीपी को दी है उसके अनुसार बताया गया है कि शिकायत 27 मार्च 2025 को एक शिकायत डीसीपी करण गोयल को मिल कर रविन्द्र यादव में मुझे बैड कैरेक्टर घोषित करनें व कुछ झूठे मुकदमें मेरे खिलाफ दर्ज करनें बारे दी थी जिनमें मुझे आदतन अपराधी भी कहा गया है जो कि बिल्कुल गलत व बेबुनियाद है,वह मेरे खिलाफ झूठे मुकदमें दिखा कर और पुलिस विभाग से मिली भगत करके मुझे बैंड करेक्टर / बी. सी. घोषित करवाना चाहता हैं इसके द्वारा दिये शिकायत पत्र पर निम्नलिखित रिपोर्ट आरटीआई से प्राप्त हुई है। जिसमें एफआईआर नम्बर 135/17 आर्म्स एक्ट मेरे खिलाफ दर्ज ही नहीं है, एफआईआर नम्बर 201- 04 मार्च 2021 पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से रद्द हो चुकी है। एफआईआर नम्बर 888 – 9 दिसंबर 2014 आईटी एक्ट थाना पालम विहार में दर्ज दिखाई गईं हैं जबकि आरटीआई से मिली सूचना पर कमांक 3012-डी. दिनांक 10.07.2025 की रिपोर्ट में जॉच अधिकारी नें यह भी स्पष्ट लिखा है कि सतबीर सिंह को आज तक किसी भी मुकदमा में दोषी नहीं ठहराया गया है।
वहीं पीड़ित ने अपने आवेदन में यह भी बताया कि रविन्द्र यादव मुझे झूठे केसों में फंसा कर जेल भेज कर मेरी प्रोपर्टी मकान नम्बर 163 सैक्टर 22ए. गुरूग्राम पर कब्जा करना चाहता हैं यह झूठे आरोप लगाने का खुद आदि हैं पुलिस विभाग को अपने पूर्व पार्षद पद का प्रभाव दिखाकर गुमराह करता रहता है, बडे बडे राज नेताओं व बडे बडे पुलिस अधिकारयों के साथ खडा होकर उनके साथ फोटो खिचवाता हैं तथा उन फोटो का दुरूप्योग करते हुए लोगों को उक्त फोटो आदि दिखा कर लोगों के दिलों में भय का माहौल बनाता है। पुलिस विभाग को भी अपना पूर्व पार्षद होनें की नाजायज धौसं दिखाता है जिससे पुलिस विभाग भी इनके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्यवाही पर्याप्त सबूत देनें के बाद भी मामले को ठण्डे बस्तें में डाले हुए है।
मैनें पहले भी बहुत सी शिकायतें दी हुई हैं जिसमें इसनें मेरे खिलाफ झूठी शिकायत कमांक 1431- सी. ए. एस. दिनांक 30.07.2024 थाना पालम विहार गुरूग्राम में दी थी उसमें भी इसनें मुझ पर बहुत ही घटिया आरोप लगाया हैं, कि सतबीर सिंह नें मेरे बेटे की 2 तौले की सोने की चैन छीन ली हैं इस आरोप की भी आर टीआई की रिपोर्ट संख्या 288-डी. दिनांक 22.01.2025 मुझे प्राप्त हो चुकी हैं और मैनें काफी शिकायतें पुलिस विभाग को दी हुई हैं लेकिर थाना पालम विहार गुरूग्राम की पुलिस उक्त दबंग पूर्व पार्षद के खिलाफ सभी पुख्ता सबूत पेश करनें के बावजूद भी पुलिस कानूनी कार्यवाही नहीं कर रही है। अब देखना यह होगा कि पुलिस विभाग आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है या पहले की तरह ही रफा-दफा करके अपना पल्ला झाड़ देती है।
बता दें कि आरोपी पार्षद की कार्यशैली की जानकारी बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को भी पहुंच चुकी है,जिस वजह से उसकी पार्षद टिकट भी कट गयी थी। वहीं क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि आजकल उक्त विवादित पार्षद मंत्री राव नरबीर की जी हजूरी में लगा हुआ है इसलिए कोई भी अधिकारी उस पर हाथ नहीं डाल रहा है।
अगर आरोपी पार्षद उपरोक्त आरोपों पर कुछ कहना चाहता है तो उसका स्वागत है।
