गुरुग्राम, सतीश कौशिक: गुरुग्राम के सेक्टर-108 स्थित द वेस्टरलीज टाउनशिप के निवासियों ने रविवार को सुरक्षा, सीवेज, पार्क, बिजली बैकअप और रखरखाव व्यवस्था से जुड़ी लंबित समस्याओं को लेकर बिल्डर व और रखरखाव एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में निवासी, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए।
द वेस्टरलीज रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अनुसार, टाउनशिप की परिधीय बाड़ और चारदीवारी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है। प्रवेश द्वारों पर लगे बूम बैरियर और टैग भी प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहे हैं। वही विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम उपलब्ध नहीं होने के कारण आगंतुकों के सत्यापन और सुरक्षा को लेकर भी निवासियों ने चिंता जताई।
सीवेज क्षमता बढ़ाने की मांग*
एसोसिएशन ने करीब 900 प्लॉट वाली टाउनशिप की सीवेज व्यवस्था की क्षमता पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि मुख्य सीवेज लाइन की क्षमता अपर्याप्त है और आवश्यकता के अनुसार इसकी क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए।
* केम शुल्क में 90 प्रतिशत बढ़ोतरी पर आपत्ति*
निवासियों ने केम शुल्क को दो वर्षों में 10 रुपये से बढ़ाकर 19 रुपये प्रति वर्ग गज प्रति माह किए जाने का भी विरोध किया। एसोसिएशन के मुताबिक, यह करीब 90 प्रतिशत की वृद्धि है। निवासियों ने शुल्क बढ़ाने का आधार, खर्चों का विस्तृत ब्योरा और ऑडिट किए गए खातों को सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही हरेरा के निर्णय तक शुल्क को अंतिम निर्विवाद दर पर वापस लाने की मांग रखी गई है। वहीं पार्क, क्लब और बिजली बैकअप सुधारने की मांग
प्रदर्शन के दौरान पार्कों और हरित क्षेत्रों के विकास एवं रखरखाव, कम्युनिटी क्लब को जल्द शुरू करने, विश्वसनीय बिजली बैकअप उपलब्ध कराने तथा आंतरिक सड़कों और जल निकासी व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा रखरखाव खर्च, भुगतान और विक्रेताओं से संबंधित विवरण में पारदर्शिता की मांग की गई। धार्मिक स्थल समेत सभी साझा क्षेत्रों और सामुदायिक सुविधाओं को रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को हस्तांतरित करने की मांग भी रखी गई।15 दिन में लिखित कार्ययोजना की मांग।
एसोसिएशन ने सभी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों के भीतर लिखित और समयबद्ध कार्ययोजना देने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया गया। निवासियों का उद्देश्य विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और रखरखाव से जुड़े मुद्दों का स्थायी और पारदर्शी समाधान कराना है।एसोसिएशन के अनुसार, यदि निर्धारित समयसीमा में समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो निवासी HRERA, GMDA, जिला प्रशासन और अन्य सक्षम प्राधिकरणों के समक्ष आगे की कार्रवाई करेंगे।

