गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी की स्मृति और उनके सद्भावना संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने के पावन उद्देश्य से निकाली जा रही राजीव गांधी ज्योति सद्भावना यात्रा का बुधवार को कांग्रेस के गुरुग्राम ग्रामीण कार्यालय पहुंचने पर भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। गुरुग्राम पहुँचने पर जिला कांग्रेस कमेटी ( ग्रामीण एवं शहरी) के जिला अध्यक्ष वर्धन यादव एवं पंकज डावर, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यात्रा का जोरदार स्वागत अभिनंदन किया। इस अवसर पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला और उन्होंने राजीव गांधी के अमर रहे तथा सद्भावना के समर्थन में जमकर नारे लगाए।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्षों ने राजीव गांधी ज्योति सद्भावना यात्रा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। वर्धन यादव ने बताया कि यह कोई साधारण यात्रा नहीं है, बल्कि पिछले 35 वर्षों से निरंतर बिना रुके तमिलनाडु के पेरंबदूर से शुरू होकर देश की राजधानी दिल्ली तक का सफर तय करती आ रही है। इस यात्रा की शुरुआत जिस स्थान (पेरंबदूर) से हुई थी, जहाँ राजीव गांधी जी शहीद हुए थे, वहाँ से पवित्र ज्योति लेकर देश में शांति और सौहार्द का अलख जगाया जा रहा है।ग्रामीण जिला अध्यक्ष वर्धन यादव ने बताया यात्रा का मूल उद्देश्य देश में आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना, सामाजिक सद्भावना कायम करना और विभिन्न वर्गों के बीच प्यार और विश्वास की भावना को मजबूत करना है। आज के समय में देश को इस प्रकार के सद्भावना संदेशों की सख्त आवश्यकता है, ताकि समाज में एकता और अखंडता बनी रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी के दूरदर्शी नेतृत्व को नमन करते हुए वर्धन यादव ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में राजीव गांधी का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने भारत को 21वीं सदी में ले जाने की नींव रखी थी। आज देश जिस डिजिटल दौर और कंप्यूटर क्रांति का आनंद ले रहा है, उसकी शुरुआत राजीव गांधी जी की बदौलत ही संभव हो सकी थी। उस समय जब कंप्यूटर का विरोध हो रहा था, तब राजीव जी ने भविष्य की जरूरतों को समझा और देश में सूचना प्रौद्योगिकी (ढ्ढञ्ज) तथा कंप्यूटर क्रांति का आगाज किया। इसके अलावा, युवाओं को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोडऩे का ऐतिहासिक कार्य भी राजीव गांधी ने ही किया था। उन्होंने संविधान संशोधन के माध्यम से मताधिकार की आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया। इस ऐतिहासिक निर्णय ने देश के करोड़ों युवाओं को अपनी सरकार चुनने और राष्ट्र निर्माण में सीधी भागीदारी निभाने का अधिकार दिया।
गुरुग्राम में आयोजित इस स्वागत कार्यक्रम में नूह जिला अध्यक्ष सहीदा ख़ान सहित अनेकों कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर यात्रा को अपना समर्थन दिया।


