गुरुग्राम, सतीश भरद्वाज : दिल्ली में छात्रों पर बीते बीस जुलाई को बर्बरतापूर्वक दिल्ली पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के मुद्दे पर जिला कांग्रेस की ओर से गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जिला उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन सौंपकर छात्रों की लोकतांत्रिक मांगों पर सकारात्मक हस्तक्षेप और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग और लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर व कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) वर्धन यादव के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं ने यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देशभर के छात्र-छात्राएं अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन दुख की बात है कि अपनी बात शांतिपूर्वक रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग किया गया।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों, विशेषकर युवाओं और छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उनकी आवाज़ को बलपूर्वक दबाने का प्रयास लोकतंत्र और संविधान की भावना के प्रतिकूल है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताएं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, प्रशासनिक विफलताएं और सरकार का असंवेदनशील रवैया लाखों छात्रों और अभिभावकों के विश्वास को तोड़ रहा है।
*पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और न्यायपूर्ण अवसरों की मांग*
ज्ञापन में 21 जुलाई 2026 की घटना का भी जिक्र किया गया। कांग्रेस ने कहा कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के समक्ष शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने केंद्र सरकार के इशारे पर उन्हें हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। कांग्रेस ने इसे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर हमला बताया। हरियाणा कांग्रेस ने कहा कि श्री मल्लिकार्जुन खडग़े और राहुल गांधी लगातार इस बात पर बल देते रहे हैं कि देश का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। ऐसे में युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज़ का सम्मान करना ही लोकतंत्र की मूल भावना है।
राष्ट्रपति से की गई हैं ये मांगेें*
कांग्रेस ने राष्ट्रपति से संवैधानिक संरक्षण का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार को निर्देशित करने की मांग की है। अपनी तीन मांगों में कहा है कि देश की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रहने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना पद तत्काल त्यागें। देशभर में परीक्षा अनियमितताओं, भर्ती में देरी और छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संसद में विस्तृत एवं सार्थक चर्चा कराई जाए। नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों के विरुद्ध दर्ज की गई सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं और दमनात्मक कार्रवाई बंद की जाए।
जिलाध्यक्षों ने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि भविष्य बचाने का आंदोलन है। सरकार को दमन के बजाय संवाद से समस्या का समाधान करना चाहिए। हरियाणा कांग्रेस को पूरा विश्वास है कि राष्ट्रपति महोदया देश के युवाओं की लोकतांत्रिक भावनाओं और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक हस्तक्षेप करेंगी। इस मौके पर पीसीसी सदस्य पंकज भारद्वाज, मेयर प्रत्याशी नीरज यादव, सूबे सिंह यादव, वरिष्ठ महिला कांग्रेस नेत्री शैलजा भाटिया, सुनीता वर्मा, पवन चौधरी, भोले गुज्जर, सुखबीर तंवर, राजेश यादव, शैलेश खटाना, सत्यवंती नेहरा, अमित बोहत सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


