
गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम के अधिवक्ताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI), मुख्यमंत्री, केंद्रीय कानून मंत्री तथा केंद्र सरकार से दक्षिण हरियाणा के हितों से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है।अधिवक्ताओं ने मांग की है कि दक्षिण हरियाणा को सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर का पानी उपलब्ध कराया जाए, गुरुग्राम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जाए, टावर ऑफ़ जस्टिस में अधिवक्ताओं के चैंबर्स निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाए, जिससे प्रदेश वासियों व अधिवक्ताओं को राहत मिल सके। वहीं पंजाब विश्वविद्यालय में हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए 50 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए।
अधिवक्ताओं का कहना है कि केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा दे रही है और न्याय व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए अधिक सस्ता, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना समय की आवश्यकता है। उनका कहना है कि इससे दक्षिण हरियाणा के लाखों लोगों को चंडीगढ़ तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी, वहीं लोगों को जल्द न्याय मिलेगा।
इन मुद्दों पर मांग उठाने वालों में जिला बार के पूर्व सचिव अरुण शर्मा, पूर्व प्रधान जितेंद्र कौशिक, निकिता वर्मा, पूर्व सह सचिव राहुल शर्मा, अश्वनी शर्मा, मदन कौशिक, निशि भूषण कौशिक, नीरज वशिष्ठ, विजय शर्मा सहित अन्य अधिवक्ता हैं। सभी अधिवक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने मांग की है।
