नई दिल्ली, सतीश भारद्वाज: देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर पश्चिमी बवाना क्षेत्र के गांव हरेवली निवासी एक पीड़ित किसान ने एसडीएम नरेला को शिकायत पत्र देकर अपनी कृषि भूमि पर गोपाल गौशाला हरेवली के कर्मचारी प्रमोद सहरावत वग़ैरह पर जबरन उसकी कृषि भूमि पर कब्जा करने की नीयत से दीवार तोड़कर गेट लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। जिसकी पीड़ित ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा अवैध रूप से लगाए गए गेट को तत्काल हटवाने की गुहार लगाई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका परिवार पिछले 55–60 वर्षों से गांव हरवेली में खेती-बाड़ी कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी भूमि से संबंधित एक सिविल मामला वर्ष 2003 से दिल्ली हाईकोर्ट में ग्रामसभा के साथ चल रहा है। जिसमें याची (पीड़ित) उक्त जमीन में खेती करने के आदेश है।शिकायत के अनुसार पिछले छह महीनों से हरवेली गौशाला के कुछ कर्मचारी, जिनमें प्रमोद सहरावत, कमलेश, लालू, ओमप्रकाश तथा अन्य कर्मचारी हैं, उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी डीडी संख्या 51 (23 नवंबर 2025) और डीडी संख्या 63 (27 जून 2026) बताई गई है।अ कुमार का आरोप है कि 2 जुलाई 2026 को आरोपियों ने उनकी दीवार तोड़कर उनकी भूमि की ओर गेट लगा दिया। उन्होंने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल की, लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने सिविल मामला बताते हुए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने गेट लगाने का विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही आरोप लगाया कि उनकी खेती वाली जमीन से मिट्टी उठाकर गेट के सामने डाल दी गई और भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया।पीड़ित ने एसडीएम से मांग की है कि अवैध रूप से लगाए गए गेट को हटवाया जाए, कब्जे के प्रयास को रोका जाए तथा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
*क्या कहते हैं एसडीएम *
जब इस मामले पर एसडीएम प्रतीक अनिल जरद (IAS) से उनके मोबाइल पर बात की गई तो उनका कहना था कि मामला उनके संज्ञान में आया है। जल्द ही दोनों पक्षों को बुलाकर मामला में आगे की कार्यवाही की जाएगी।
बता दें कि क्षेत्र के लोगों में चर्चाएं है कि उक्त गौशाला के प्रमोद सहरावत अपने आप को RSS से जुड़ा हुआ बताकर अधिकारीयों पर रौब जमाता रहता है। लोगों का कहना था कि इस मामले का विवाद एसडीएम कार्यालय में भी चल रहा है, जिसकी आगामी पेशी तारीख 24 नवम्बर लगीं हुईं हैं। वहीं लोगों का कहना था कि अगर यह मामला जल्द नहीं सुलझा तो क्षेत्र में बहुत बड़ा नरसंहार खड़ा हो सकता है। जिसका जिम्मेदार गौपाल गौशाला हरेवली के संचालक सदस्य कर्मचारी, स्थानीय पुलिस तथा एसडीएम कार्यालय होंगा।

