गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: हरियाणा के पानीपत निवासी समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने करनाल रेंज के आईजी को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि स्वामी ज्ञानानंद महाराज और सुरेश भसीन के खिलाफ कई बार शिकायत देने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने अपनी तथा अपने परिवार को जान-माल का खतरा देखते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पीड़ित की शिकायत के अनुसार, 12 जून 2026 को उन्हें फोन पर सुरेश भसीन ने कथित रूप से गालियां व जान से मारने की धमकी दी गई। इसके अलावा व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से भी धमकी मिलने का आरोप लगाया गया है। पीपी कपूर का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस चौकी समालखा में लिखित शिकायत और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जमा कराए तथा इसकी प्रतियां एसपी पानीपत, डीएसपी समालखा और एसएचओ समालखा को भी भेजीं, लेकिन अब तक आरोपियों पर अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 14 और 15 जून के दौरान सोशल मीडिया पर उनकी फोटो के साथ पोस्टर और आपत्तिजनक सामग्री साझा कर उन्हें बदनाम किया गया। उनका दावा है कि उनके फेसबुक अकाउंट और पेज को भी ब्लॉक कराया गया तथा उनके खिलाफ भड़काऊ अभियान चलाया गया।
पीपी कपूर ने बताया कि उन्होंने 15 जून को डीएसपी समालखा से मुलाकात कर दोबारा शिकायत दी। फिर भी पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने और पुलिस अधिकारियों से मिलने के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उन्होंने करनाल रेंज के आईं जी से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने तथा जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। उनका कहना था कि उनके या उनके परिवार के साथ कोई भी हादसा होता है तो उसका जिम्मेवार हरियाणा सरकार होगी।
बता दें कि श्री कपूर ने सरकारी विभागों में हो रहे कई भ्रष्टाचार के मामले उजागर किए हैं, वहीं उन्होंने कई मामले हाई कोर्ट, लोकायुक्त, सूचना आयोग तथा अन्य जांच एजेंसी में भेजे हुए हैं। जिससे अधिकत्तर भ्रष्ट सरकारी अधिकारी रंजिश रखने लगे हैं।

