गुरुग्राम,संवाददाता : बुधवार को गुरुग्राम के कस्बा फरूखनगर में भिवानी की ज्योति मनीषा की हत्या मामले में भारी संख्या में महिला, बुजुर्ग युवा और बच्चों ने दिल्ली गेट से बाजार से होते हुए राजीव चौक तक हाथों में मोमबत्ती लेकर पैदल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च मृतका मनीषा को इंसाफ दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित कराने के लिए निकाला गया। इस पैदल मार्च में केन्द्र व प्रदेश सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई।

मनीषा की हत्या को आत्महत्या बताकर इतने बड़े जघन्य अपराध पर पर्दा डालने के विरुद्ध पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों सहित सरकार को भी संदेह की नजर से देखा जा रहा है। पैदल मार्च में शामिल वक्ताओं ने कहा कि मनीषा सिर्फ ढाणी लक्ष्मण भिवानी के एक गरीब परिवार की ही बेटी नही है बल्कि वो पूरे देश की बेटी है और देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार बेटियों को न सुरक्षा दे पा रही है न इंसाफ दे पा रही है उल्टे अपराध करने वालों को बचाने के लिए सरकारी तंत्रों का नाजायज इस्तेमाल करते हुए लोकतंत्र का मखौल उठाती नजर आ रही है। इस आक्रोश प्रदर्शन व कैंडल मार्च में किन्नर समाज ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और मृतक युवती को इंसाफ दिलाने की आवाज उठाई। किन्नर तन्नू व उनके साथियों ने कहा कि युवती ने आत्म हत्या नही की बल्कि उसकी हत्या को आत्म हत्या बताकर कुछ रसूखदार नेता लोग मामले को रफा दफा करने के लिए प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि मान भी लिया जाए कि उसने आत्म हत्या के लिए कोई कीटनाशक खा भी लिया तो उसका गला कौन काट गया? उसके चेहरे पर तेजाब डालकर इतना भयानक किस ने बना दिया? उसने सुसाईड नोट लिखा तो वह किसी के दवाब में लिखवाया गया भी हो सकता है लेकिन हत्या को आत्म हत्या बनाने पर जोर क्यों और किसे बचाने के लिए दिया जा रहा है ये सवाल बहुत बड़ा है और इससे सरकार की चूले हिल जाएंगी। वहीं कोमल सैनी नामक एक मेडिकल स्टूडेंट का कहना है कि कोई भी लड़की जहर खाकर अपने हाथ से अपना गला काट कर अपने ऊपर तेजाब डाल कर आत्महत्या का ऐसा अनौखा काम तो कभी भी नही कर सकती हैं लेकिन शासन प्रशासन असली अपराधियों को व मेडिकल कॉलेज के मालिक को बचाने में जुटे हैं। एक बुजुर्ग वक्ता ने साजिशन संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि सारे देश में ईवीएम मशीन की गड़बड़ी और वोट चोरी का मुद्दा सरकार के गले की फांस बन गया था इसलिए जनता का ध्यान भटकाने के लिए ही तो ये सब हत्या, बलात्कार और अनदेखी कर जनाक्रोश को मोड़ने का प्रयोग किया जा रहा है। सतबीर, वीरेश हंस, मनोज यादव, सतीश,तन्नू किन्नर सहित सैकड़ों गणमान्य लोगों के साथ पैदल मार्च में शामिल हुए तथा अपने अपने विचार व्यक्त किए। भिवानी की युवती के इंसाफ के लिए निकले गए कैंडल मार्च में सबसे हैरान करने वाली बात यह नजर कि फरूखनगर कस्बा से कोई भी महिला पार्षद पूर्व पार्षद नव नियुक्त पार्षद, चेयरमैन, उप चेयरमैन आदि कोई भी समाज के ठेकेदार, यहां तक की पत्रकारिता से जुड़े नागरिक युटयुबर दूर दूर तक नजर नही आए।हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा मनीषा हत्याकांड की जांच सीबीआई से करने तथा एम्स में तीसरी दफा पोस्टमार्टम कराने की बात पर प्रदेशवासियों को राहत मिली है।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वीरवार सुबह मृतका का अंतिम संस्कार हजारों लोगों की भीड़ ने गमहीन माहौल में किया गया। दुखी मन से लोगों ने मनीषा अमर रहे के नारे लगाए।बता दें कि उक्त हत्याकांड में भाजपा के मंत्री तथा पूर्व मंत्री के रिश्तेदारो की तरफ शक की उंगलियां उठ रही है। जो की यूट्यूब चैनलों पर कॉलेज व उनके रिश्तेदारों के बारे में भी सुनाई दे रहा है।
