रोहतक, सतीश भारद्वाज : जयहिंद सेना प्रमुख नवीन जयहिंद पिता के स्वर्गवास से दुखी व अन्य सामाजिक कार्य से काफी दिनों मीडिया से दूर रहने के बाद शुक्रवार को सामने आए। नवीन जयहिंद ने मीडिया से रूबरू होते हुए जनता के विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने आगामी 28 जून को पहरावर में मनाए जा रहे धार्मिक आयोजन भगवान परशुराम जन्मोत्सव से लेकर देश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
*28 को मनाया जाएगा 5वाँ जन्मोत्सव*
जयहिंद ने घोषणा की कि आगामी 28 जून को पहरावर की पावन धरा पर 5वाँ भगवान परशुराम जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा और देशी घी के भंडारे का आयोजन किया जाएगा उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को इस जन्मोत्सव में सपरिवार पहुँचने का खुला निमंत्रण दिया।
*कैंसर का बड़ा कारण मिलावटी खाद्य पदार्थ*
स्वास्थ्य के मुद्दे पर बोलते हुए जयहिंद ने कहा कि आज देश और प्रदेश में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी पैर पसार रही है। उनके पिता का स्वर्गवास भी कैंसर के कारण हुआ है जबकि उन्होंने कभी भी बाहर की चीजों का सेवन नहीं किया वही जयहिंद ने सरकार से 40 साल से ऊपर लोगों के स्वास्थ्य की जांच में कैंसर को अनिवार्य रूप से शामिल करने की मांग कीइसके साथ ही कैंसर का सबसे बड़ा कारण बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों में अंधाधुंध मिलावट है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि यह सीधे तौर पर जनता के जीवन से खिलवाड़ है।
*शिक्षा और सरकारी हॉस्पिटलों में सुधार का दिया फॉर्मूला*
सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत और शिक्षा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए नवीन जयहिंद ने कहा:”जब तक जिले के DC (उपायुक्त) और SP (पुलिस अधीक्षक) के बेटे-बेटी सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक सरकारी शिक्षा का स्तर नहीं सुधर सकता। जिस दिन अफसर, सांसदों ओर विधायकों के बच्चे सरकारी स्कूलों में जाने लगेंगे ओर सरकारी हॉस्पिटलों में इलाज कराने लगेगे उस दिन स्कूलों ओर हॉस्पिटलों की सूरत और सीरत दोनों रातों-रात बदल जाएगी।”
*नीट परीक्षा पर खड़े किए सवाल*
हाल ही में हुई नीट परीक्षा में सामने आई विसंगतियों पर जयहिंद ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने परीक्षा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि दिन-रात मेहनत करने वाले होनहार छात्रों के भविष्य के साथ यह मज़ाक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। ओर सरकारी नौकरी के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के लिए कठोर नियम और क़ानून बनाने की मांग करते है।

