रोहतक, सतीश भारद्वाज : शुक्रवार को रोहतक में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवीन जयहिंद ने प्रधानमंत्री की हालिया अपीलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर देशहित में आम जनता से त्याग और जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की जा रही है, तो देश के नेताओं, मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और देश के चारों स्तंभों — विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका और मीडिया — को भी आगे आकर उदाहरण पेश करना चाहिए।
*“मैं भी प्रधानमंत्री की अपीलों का पालन कर रहा हूं”*
जयहिंद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने, विदेश में शादी न करने, स्वदेशी अपनाने, पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने और “वर्क फ्रॉम होम” जैसी अपीलें की हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इन अपीलों का पालन कर रहे हैं और आज घोड़ी पर बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत का संदेश दिया जा सके।
*नेताओं से सैलरी दान करने की मांग*
जयहिंद ने मांग की कि मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक अपनी एक साल की सैलरी और पेंशन देशहित में दान करें। उन्होंने कहा कि त्याग सिर्फ आम जनता के भरोसे नहीं होना चाहिए।
*“नेता देंगे तो मैं भी दूंगा”*
जयहिंद ने कहा कि अगर नेता अपनी सैलरी-पेंशन दान करते हैं तो वे भी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 लाख रुपये देने के लिए तैयार हैं।
*मीडिया से अपील*
उन्होंने मीडिया से कहा कि सिर्फ एक दिन की रीलें न दिखाई जाएं बल्कि पूरे साल देखा जाए कि कौन नेता सच में सादगी अपनाता है और कौन सिर्फ कैमरे के सामने दिखावा कर रहा है।*देश के संकट की सच्चाई बतानी चाहिए*जयहिंद ने कहा कि अगर देश किसी संकट से गुजर रहा है तो सरकार को जनता को सच्चाई बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के लोग हमेशा त्याग करने को तैयार रहते हैं।
*“वर्क फ्रॉम होम” पर सवाल*
उन्होंने कहा कि अगर प्राइवेट कर्मचारियों को “वर्क फ्रॉम होम” की सलाह दी जा रही है तो सरकारी कर्मचारियों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए ताकि ट्रैफिक और पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो सके।
*“रीलबाजी नहीं, सच्ची देशभक्ति चाहिए”*
अंत में जयहिंद ने कहा कि देशभक्ति सिर्फ सोशल मीडिया की रीलों से साबित नहीं होती। अगर नेता जनता से त्याग मांग रहे हैं तो उन्हें खुद भी त्याग करके दिखाना होगा।

