गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपनी वेबसाइट www.mcg.gov.in पर एक इंटरएक्टिव जीआईएस मैप विकसित किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निगम क्षेत्र के किसी भी स्थान से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं भौगोलिक जानकारी अब आसानी से प्राप्त की जा सकेगी।इस नई सुविधा का उद्देश्य अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों को किसी भी क्षेत्र की सटीक एवं अद्यतन जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है, जिससे प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी बन सके।
*एक क्लिक में मिलेगी क्षेत्र की विस्तृत जानकारी*
इंटरएक्टिव मैप के माध्यम से उपयोगकर्ता किसी भी स्थान का चयन कर संबंधित वार्ड संख्या, जोन एवं क्लस्टर की जानकारी, कॉलोनी का नाम, पुरानी डिवीजन का विवरण, कॉलोनी की स्वीकृत/अस्वीकृत स्थिति, संबंधित क्षेत्र 900 मीटर सीमा के भीतर आता है या नहीं आदि जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायता मिलेगी तथा क्षेत्राधिकार से संबंधित भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
*प्रशासनिक कार्यों में आएगी तेजी*
यह इंटरएक्टिव मैप फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। शिकायत निवारण, विकास कार्यों की योजना, स्वच्छता प्रबंधन, संपत्ति कर, जल एवं सीवर सेवाओं सहित विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों में क्षेत्र की सटीक पहचान एवं जिम्मेदारी निर्धारण में यह प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
*बेहतर समन्वय और पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा*
नई क्लस्टर एवं जोन व्यवस्था लागू होने के बाद यह इंटरएक्टिव मैप प्रशासनिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक होगा। अधिकारियों को किसी भी क्षेत्र के प्रशासनिक दायरे, जिम्मेदार इकाई तथा अन्य आवश्यक विवरणों की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी, जिससे सेवा वितरण और शिकायत समाधान की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
*फीडबैक एवं सुझावों का स्वागत*
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों एवं संबंधित हितधारकों से इस नई सुविधा के उपयोग के दौरान अपने सुझाव एवं फीडबैक साझा करने का अनुरोध किया है, ताकि इसे और अधिक उपयोगी एवं नागरिक अनुकूल बनाया जा सके। निगमायुक्त ने कहा कि डिजिटल तकनीक आधारित यह पहल बेहतर प्रशासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और नागरिक सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

