कुरुक्षेत्र, सतीश भारद्वाज : हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में रविवार को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से क्षेत्रीय कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें सीएम नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि थे और केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। केन्द्रीय मंत्री व सीएम ने इससे पहले दिशा जागरूकता वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में टेली-लॉ स्कीम का लाभ लेने, रजिस्ट्रेशन करने वाले CSC संचालक और निःशुल्क राय देने वाले वकीलों से सीएम और केंद्रीय मंत्री ने संवाद भी किया।
*संविधान देता है न्याय का वचन- सीएम*
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे संविधान की प्रस्तावना हमें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय का वचन देती है। अनुच्छेद 14, 21 और विशेष रूप से अनुच्छेद 39 के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि हर नागरिक को समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त हो।सीएम ने कहा कि इसी कड़ी में भारत सरकार के न्याय विभाग की ओर से लागू की गई दिशा योजना एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके लिए 250 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया है, ताकि सभी के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।
*टेली-लॉ से सरलता से मिल रहा न्याय*
सीएम ने कहा कि दिशा के तहत 3 प्रमुख कार्यक्रम टेली-लॉ रीचिंग द अनरीच्ड, न्याय बंधु और विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम। ये तीनों कार्यक्रम मिलकर न्याय व्यवस्था को सरल बना रहे हैं। टेली-लॉ के जरिए नागरिकों को निःशुल्क सलाह उपलब्ध कराई जा रही है।कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने टेली-लॉ और प्रोबोनो का उदाहरण देकर समझाया। उन्होंने गजल गायक जगजीत सिंह का एक किस्सा शेयर किया। उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान में IAS अधिकारी था। यहां गंगानगर में अस्पताल के लिए चंदा जमा करने के लिए किसी ने उनको जगजीत सिंह से मदद लेने की सलाह दी।जब वे जगजीत सिंह से मिलने पहुंचे और कार्यक्रम में उनकी पत्नी को आने का निमंत्रण दिया, लेकिन उनकी पत्नी से बेटे की एक्सीडेंट में मौत के बाद आने से मना कर दिया। उन्होंने अपने मन के भाव जग ने छीना मुझसे, मुझे जो भी लगा प्यारा गाकर सुनाया था।
*मिडिया से कहा कांग्रेस में किसी को किसी पर भरोसा नहीं*
मीडिया से बातचीत में सीएम नायब सैनी ने कांग्रेस पर तंज कसा। राज्यसभा चुनाव में BJP पर लगे आरोप का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा ने कोई खेला नहीं किया। कांग्रेस को किसी पर विश्वास नहीं है। राहुल गांधी को अपने नेताओं और नेताओं को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस के प्रभारी और 2 बार के सीएम पोलिंग एजेंट बनकर बैठे थे।

