गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह आयोजन माननीय न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डीएलएसए गुरुग्राम नरेंद्र सूरा के निर्देशन में संपन्न हुआ।राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के मामलों के निपटारे हेतु कुल 21 बेंचों का गठन किया गया। इसके अलावा उपमंडल सोहना और पटौदी में भी एक-एक विशेष लोक अदालत बेंच स्थापित की गई।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, डीएलएसए गुरुग्राम निशा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सोहना एवं पटौदी सहित विभिन्न न्यायालयों में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन श्रेणी के करीब 1 लाख 36 हजार 10 मामलों को रखा गया। इनमें से 74 हजार 633 मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 10 करोड़ 84 लाख 26 हजार 614 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ।उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय मिला है। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों के भार को कम करने में भी मदद मिली।
लोक अदालत को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रत्येक बेंच पर पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई थी। उन्होंने पक्षकारों के बीच समझौता करवाने और मामलों के निस्तारण को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।आमजन की सहायता के लिए न्यायालय परिसर में 10 हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए थे, जहां पैरा लीगल वॉलंटियर्स द्वारा लोगों को आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया गया। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक चालानों के त्वरित निपटारे के लिए गेट नंबर-2 के पास विशेष ट्रैफिक हेल्प डेस्क स्थापित की गई। इस व्यवस्था के माध्यम से लोगों को अपने चालानों की जानकारी प्राप्त करने और उनका शीघ्र निस्तारण कराने में सुविधा मिली। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर अपने मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया तथा लोक अदालत व्यवस्था पर विश्वास जताया।

