नई दिल्ली,सतीश भारद्वाज:देशभर में बुधवार को हर्षोल्लास के साथ रंगों का पर्व होली मनाई जा रही है। बीते सोमवार को देशभर में होलिका दहन हुआ था। लेकिन चंद्रग्रहण की वजह से देश के ज्यादातर शहरों में मंगलवार को लोग रंगों का पर्व दुल्हनडी नहीं मना पाए। जोकि बुधवार को मनाया गया है। राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में उमंग और उल्लास का माहौल रहा। सड़कों पर रंगों में सजी टोलियां निकलीं। जयपुर में होली मनाने दुनिया के कोने-कोने से मेहमान आए। विदेशी मेहमानों ने भी DJ की धुन पर जमकर डांस किया।वहीं भरतपुर में 200 साल पुरानी परंपरा ‘बिन दुल्हन की बारात’ निभाई गई। इसमें दूल्हे को पारंपरिक वेशभूषा में ऊंट पर बैठाया गया। बैंड-बाजे और होली के गीतों के बीच बारात जैन मंदिर पहुंची।
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी पर वीडियो सॉन्ग बनाकर होली विश किया। इसमें मनोज तिवारी का मुखौटा पहने एक शख्स घूमता हुआ देखा जा सकता है।होली को देखते हुए दिल्ली समेत कई राज्यों में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से होली मनाने की अपील की है। चंडीगढ़ में लोगों ने होली मनाई। इंदौर सेंट्रल जेल में कैदियों ने अधिकारियों संग खेली होली।उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के लोकनाथ चौराहे पर बुधवार को बड़ी संख्या में लोग डांस करने और होली का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए। हिमाचल प्रदेश में भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने अपने घर पर आयोजित होली समारोह में लोगों के साथ नाटी लोक नृत्य करते हुए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के नेताओं और समर्थकों के साथ होली मनाई।योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में भक्तों और संतों के साथ होली मनाई।मथुरा के बछगांव में अनोखी ‘चप्पल मार’ होली बड़े उत्साह के साथ मनाई जा रही है, जहां स्थानीय लोग पारंपरिक उत्सवों में भाग लेते हैं, जो चंचल अनुष्ठानों और जीवंत रंगों से चिह्नित होते हैं। अंतर्राष्ट्रीय होली उत्सव मनाने के लिए पुष्कर में हजारों लोग एकत्रित हुए और गीत गाते-नाचते नजर आए। भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने घर पर समर्थकों के साथ होली खेली। पंजाब के आनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला।
ओडिशा में भाजपा सांसद संबित पात्रा भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने कहा, “होली का त्योहार आ गया है और पूरा देश इस पवित्र त्योहार के रंगों में सराबोर है। आज हम विश्व के सर्वोच्च निवास, पुरी धाम में उपस्थित हैं, जहां भगवान जगन्नाथ निवास करते हैं।जिस प्रकार रंग जल में मिलकर एक हो जाते हैं, उसी प्रकार आज सभी लोग होली मनाने, भजन गाने, कीर्तन करने और को याद करने के लिए एक साथ आए हैं। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने अपने घर में फाग मनाया।
उज्जैन में होली के अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर में विशेष भस्म आरती की गई।हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ में योग गुरु बाबा रामदेव ने अपने अनुयायियों के साथ फूलों की होली खेली।पीएम मोदी ने होली पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। ITBP के जवानों ने पैंगोंग झील के बीच में होली मनाईजमी पैंगोंग झील (14,300 फीट) के बीच में ITBP के नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर के जवानों ने वाइब्रेंट गांवों के निवासियों के साथ मिलकर होली मनाई। स्थानीय बच्चों ने एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
दिल्ली में 15,000 से अधिकतर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। शराब पीकर गाड़ी चलाने और मोटरसाइकिल से स्टंट रोकने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला पुलिस, यातायात कर्मियों और पीसीआर इकाइयों सहित पुलिसकर्मी पूरे शहर में गहन गश्त करेंगे। पंजाब-हरियाणा के अमृतसर में लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर, ढोल मंजीरा बजाकर और फाग गाकर होली मना रहे हैं।
होली से जुड़ी 5 मान्यताएं…वसंतोत्सव: ऋतु बदलने का उत्सव होली पहले वसंतोत्सव के तौर पर मनाई जाती थी, क्योंकि फाल्गुन-पूर्णिमा के आसपास ठंड विदा होती है और वसंत का रंग दिखने लगते हैं। 7वीं सदी में सम्राट हर्ष के नाटक रत्नावली में इसका जिक्र है वसंत के मौके पर दरबारी उत्सव, संगीत और सांस्कृतिक आयोजन करते थे। पहले यह वैष्णव झूला-उत्सव था। बाद में रंगों वाली होली से जुड़ गया। प्रेम, रंग और लीला की होली ब्रज क्षेत्र में होली की सबसे बड़ी दूसरी मान्यता राधा-कृष्ण की फाग-लीला है। वैष्णव ग्रंथ गर्ग संहिता में होलिकोत्सव के बारे में लिखा गया है। जिसमें राधा और सखियों के साथ उत्सव का जिक्र है। इसी वजह से मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव की होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि कृष्ण-भक्ति, फाग-गायन और लीलाओं को याद करने का उत्सव मानी जाती है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनुसार होली वसंत और फसल का उत्सव है। पहले इस त्योहार का रूप खेती पर आधारित था। इसमें किसान होलिका दहन में गेहूं की बालियां, नई उपज चढ़ाते थे और पूरा गांव नई फसल का उत्सव मनाता था। बाद में इसमें रंग, गुलाल और दूसरे धार्मिक-सांस्कृतिक रूप भी जुड़ते गए।रिश्ते सुधारने का पर्व: बुरा न मानो होली है अमेरीका, ऑस्ट्रेलिया और स्कॉटलेंड के एंथ्रोपॉलॉजिस्ट ने अपनी स्टडी और रिसर्च में बताया कि भारत में होली ऐसा त्योहार है, जिसमें लोग पुराने विवाद और मनमुटाव को भूलकर त्योहार मनाते हैं। हालांकि बाद में रिश्तों और समाज कर कड़वाहट और तनाव फिर से वैसा ही हो जाता है। अमेरिकी एंथ्रोपॉलॉजिस्ट मैककिम मैरियट, ऑस्ट्रेलिया के डी. बी. मिलर और स्कॉटलेंड के विक्टर टर्नर के अनुसार भारत में होली पुरानी कड़वाहट कम करने, लोगों को करीब लाने और रिश्तों में नई शुरुआत करने का पर्व है।


