गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : एक तरफ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री व नवनियुक्त डीजीपी हरियाणा प्रदेशवासियों को बेहतर पुलिस प्रशासन देकर अपराध मुक्त करने के दावे ठोक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विभाग की दबंगी गुंडागर्दी, पद दुरुपयोग व कानून की अवहेलना करने के दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं, ऐसा ही एक ताजा मामला गुरुग्राम पुलिस का सामने आया है जिसमें पुलिस ने एक शरीफ युवक को थाने में ले जाकर बेरहमी से पीटने के बाद उसी पर अवैध रेहड़ी-पटरी वालों से साजबाज होकर फर्जी केस दर्ज कर दिया। जिसकी जानकारी जब पीड़ित युवक ने आरटीआई से लेनी चाही,तो गुरुग्राम पुलिस आयुक्त कार्यालय के आरटीआई ब्रांच में बैठे लापरवाह कर्मचारियों ने आवेदन लेने से ही मना कर दिया। जिसके बाद निराश युवक ने सरकारी डॉक से आवेदन जन सूचना अधिकारी को भेजा है।
निगम क्षेत्र वार्ड 3 के गांव मोलाहेडा निवासी पीड़ित हितेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि उसकी बहन की 1 जनवरी 2026 को रात करीब 10:00 बजे अचानक तबीयत खराब होने पर रेजांगला चौक पर बने मणिपाल हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया था। जहां पर रात्रि करीब 12:30 बजे भुख लगने पर पास में लगी रेहडी जो खाने के लिए परांठे बना रहे थे गया था,जहां जल्दी मांगने पर उनसे कहा सुनी हो गई थी। बात बढ़ने पर पीड़ित ने 112 पर फोन किया तभी पुलिस की दो गाड़ियां आई और हितेश नाम पुछकर मारपीट करने लग गए,और जबरदस्ती गाड़ी में डालकर थाने में लाकर लोहे की राड व डण्डों से कई पुलिसकर्मीयो ने पीटा कर उसका मोबाइल छीन लिया सभी पुलिस वाले शराब के नशे में थे। जिससे उसको काफी चोटें आईं। मेरा मेडिकल भी हुआ,उसने उसी समय थाने में लिखित दरखास्त भी दी थी। बाद में थाना पालम विहार पुलिस ने रेहड़ी-पटरी वालों से साजबाज होकर एक फर्जी बनावटी शिकायत लेकर मेरे ऊपर ही अपनी दबंगी को दबाने के लिए केस बना दिया। जिससे मैं व मेरा परिवार तथा मेरी पत्नी काफी तनाव में तथा पुलिस से डरी सहमी हुई है। जिसकी सूचना मेंने आरटीआई एक्ट की धारा 7-1 के तहत 48 घंटे में उपलब्ध कराने के लिए मांगी थी। क्योंकि मांगी गई सूचना मेरी जिंदगी की आजादी से संबंधित थी,क्योंकि थाना पुलिस मुझे फर्जी केस में फंसा कर जेल भेजना चाहती है। आरटीआई ब्रांच में लेने से मना कर दी। क्यों बाद में मैंने स्पीड पोस्ट से भेजी है। वहीं डीजीपी से भी जल्द सूचना दिलवाने की गुहार लगाई है। पीड़ित ने बताया कि रेहड़ी-पटरी वालों से पुलिस हफ्ता वसूली करतीं हैं, रेहड़ी पटरी वालों ने कहा था कि हमारा कुछ नहीं होगा,हम मंथली देते हैं। उनकी बात सही हुईं हैं।
बता दें कि पीड़ित ने पुलिस के जन सूचना अधिकारी से थाना पालम विहार की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज तथा पुलिस की गाड़ी में तैनात कर्मचारी का विवरण सहित रेहड़ी-पटरी वाले की पुलिस वेरिफिकेशन हो रखीं हैं या नहीं सहित अन्य सूचना तथा रिकॉर्ड अनुसार सत्यापित प्रति मांगी है।

