गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम में एक महिला ने पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर, गुरुग्राम को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि आपातकालीन स्थिति में कॉल करने के बावजूद न केवल पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की, बल्कि उसके पति के साथ मारपीट ,लुटपाट व बदतमीज की गई।
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह गांव मोलाहेडा सेक्टर-22, गुरुग्राम की निवासी है। उसने बताया कि उसकी ननद की तबीयत खराब होने पर उन्हें मणिपाल अस्पताल रेजांगला चौक पर भर्ती कराया गया था।
उसका पति हितेश अपनी बहन की देखभाल के लिए रात्रि को अस्पताल में ठहरा हुआ था, रात्रि करीब 12.30 बजे उसे मुख लगी थी तो वह अस्पताल के बाहर लगी रेहड़ी-पटरी पर खाने गया था, जहां उसकी कहासुनी हो गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। मामले की सूचना के लिए उसके पति ने मदद के लिए 112 नंबर पर कॉल की थी। तभी रेहड़ी-पटरी वालों ने कहा कि तु कुछ नहीं कर सकता हम पुलिस को हफ्ता देते हैं।
आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद मामले को शांत कराने के बजाय पुलिस कर्मियों ने महिला के पति के साथ अत्यधिक मारपीट की और गालियां दीं। वहीं थाना पालम विहार में लाकर पाईप और डंडों से पीटा गया।
महिला का आरोप है कि उसके पति को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उनकी आंखों से ठीक से दिखाई देना बंद हो गया और सिर व शरीर में गंभीर चोटें आईं। इसके बावजूद पुलिस ने मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया।शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में जब दोबारा 112 पर कॉल की गई तो कॉल काट दी गई और पीड़ित पक्ष की कोई सुनवाई नहीं हुई।
महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति की हालत गंभीर है और उन्हें अब तक उचित मेडिकल सहायता भी नहीं मिल पाई है। जिससे उसका परिवार बड़े भय और तनाव में हैं।
महिला ने पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की है।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जब इस बारे में डीसीपी करण गोयल से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन ही काट दिया, जिसकी जानकारी तब सीपी विकास अरोड़ा को दी तो उन्होंने कहा कि सबुत दरखास्त भेजों में कार्यवाही करवाता हूं। मामला मेरी जानकारी में नहीं है।


