रोहतक, सतीश भारद्वाज : देश के गृहमंत्री अमित शाह का रास्ता रोकने,काले झंडे दिखाने और रास्ते में मरा हुआ सांड डालने के मामले को लेकर नवीन जयहिंद गत वीरवार को कोर्ट में पेश हुए। जिसमें माननीय जज रवलीन कौर की अदालत ने जयहिंद सहित 21 आरोपियों को बरी कर दिया है, जिसके बाद जयहिंद ने न्यायपालिका का धन्यवाद किया।

संघर्षशील समाजसेवी नवीन जयहिंद के वकील गौरव भारती ने बताया कि लगभग 8 साल पहले रोहतक में गृहमंत्री अमित शाह के आगमन पर एक कार्यक्रम के दौरान जयहिंद ने मरा हुआ सांड देश के गृहमंत्री के रास्ते में डाल दिया था, जिसके बाद नवीन जयहिंद पर 3 मुकदमे दर्ज किए गए थे।जयहिंद गाय माता के चारे को लेकर ओर सड़कों पर घूम रही गाय माता ओर उनकी बुरी दुर्दशा को लेकर जयहिंद ने खूंटा गाड़कर नेताओ के घर गाय माता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था, इसी दौरान गृहमंत्री अमित शाह का रोहतक आगमन कार्यक्रम था, जिसमें जयहिंद ने गृहमंत्री अमित शाह के सामने अपना रोष जताने के लिए मरा हुआ सांड डाल दिया था,जिसके बाद प्रशासन के हाथ पांव फूल गए थे। आनन फानन में सरकार ने उनपर पुलिस में तीन अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए थे।
बता दें कि करीब 8 साल से जयहिंद कोर्ट में तारीख पर तारीख भुगत रहे थे, जिसका अंतिम फैसला वीरवार को आ गया, जिसमें जयहिंद सहित 21 लोग जो पुलिस ने आरोपी बनाए गए थे, सिद्ध नहीं कर सके जिसमें करीब दो दर्जन पुलिस के गवाह अदालत में पेश हुए थे। जिसमें अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बा इज्जत बरी कर दिया है।जयहिंद जनता की समस्याओं के लिए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते रहते है और जनता की समस्याओं को अपने बेबाक तरीके से उठाते है और जनता की समस्याओं का समाधान कराते है जयहिंद कई बार मीडिया में भी बयान देते रहते है कि हरियाणा में विपक्षी दलों के नेता अमित शाह से क्यों डरते है, जो जनता की आवाज उठाने से डरते है जनता की आवाज उठाने के जो मुकदमे जयहिंद पर दर्ज है वे मुकदमे विपक्षी दलों के नेताओं पर दर्ज होने चाहिए लेकिन विपक्षी दलों के नेता जनता की आवाज उठाने की बजाए अपना पल्ला झाड़ लेते है।
