गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम में आईएमटी मानेसर से सटे गांव कांकरोला में डीटीपी टीम अवैध निर्माण तोड़ने पर हुए हमले में मानेसर निगम की मेयर के पति सहित करीब 40-50 अज्ञात लोगों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह मामला सोमवार DTP की टीम पर हुए हमले के की शिकायत पर थाना खेड़कीदौला में दर्ज हुआ है।
जानकारी के अनुसार DTP अमित मधोलिया के नेतृत्व में एक टीम सोमवार को गांव कांकरोला में अवैध गोदामों पर कार्रवाई करने पहुंची थी। उसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने टीम और पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें एक JCB ड्राइवर के सर में चोट लगने से वह घायल हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस कर्मचारियों और DTP टीम को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।
जिसकी ATP राहुल डाबरा ने खेड़की दौला पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया गया है। अमित मधोलिया ने इस मामले पर बताया कि प्रशासन ने अवैध रूप से बने गोदामों को हटाने के लिए एक ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत, बुलडोजर और पुलिस बल के साथ प्रशासनिक टीम दोपहर करीब 3 बजे कांकरोला गांव में पहुंची थी। यहां पर टीम ने अवैध रूप से बनाए गए वेयर हाउसों को तोड़ना शुरू कर दिया। DTP ने आगे बताया कि कुछ देर बाद अचानक से बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। पहले तो उन्होंने टीम को रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब पुलिस ने ग्रामीणों को हटने के लिए कहा तो उनमें बहस शुरू हो गई। तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस टीम ने उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। एक पत्थर बुलडोजर के ड्राइवर को लगा, जिससे वह घायल हो गया। इसके अलावा, DTP टीम और पुलिस जवानों को भी चोटें आई हैं।
पुलिस को दी गई शिकायत में ATP राहुल डाबरा ने बताया कि वे गांव कांकरोला में बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट अवैध गोदामों की अनधिकृत कॉलोनी में तोड़फोड़ अभियान के तहत पहुंचे थे। तोड़फोड़ अभियान के दौरान जेई अमित कुमार, जेई राजन, जेई देवेंद्र और खलासी पवन परमिल साथ थे। इस दौरान, वहां लोग हिंसक हो गए और जेसीबी ऑपरेटरों तथा उपस्थित सभी अधिकारियों पर पथराव किया।
डाबरा ने बताया कि घटनास्थल पर राकेश हयातपुर और भांगरोला व कांकरोला गांव के पार्षदों ने जनता को उकसाया। इस दौरान, एक जेसीबी हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया और जेसीबी का शीशा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा, एक अज्ञात महिला ने स्थानीय भीड़ के साथ मिलकर उनसे दुर्व्यवहार किया, हाथापाई करने की कोशिश की गई।मेयर डॉ. इंद्रजीत के पति राकेश हयातपुर का कहना था कि जब क्षेत्र में DTP की तोड़फोड़ हुई तो मुझे मौके पर बुलाया गया था। वहां पर कांकरोला और भांगरौला के पार्षद भी थे। जनता ने हमें चुनकर भेजा है, जब जनता मुझे बुलाएगी तो मेरा जाने का फर्ज है। मेरे साथ पुलिसकर्मी भी थे। मैं भला पथराव या तोड़फोड़ क्यों करूंगा। ये सब फालतू बातें हैं, मुझे चिंता नहीं है।
*राव इंद्रजीत के करीबी हैं हयातपुर*
मेयर पति राकेश हयातपुर को केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत का खास माना जाता है। राकेश की पत्नी, डॉ. इंद्रजीत, निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए भाजपा प्रत्याशी सुंदरलाल यादव को हराकर मानेसर की मेयर बनी थीं। हाल ही में राव इंद्रजीत ने उनके कार्यालय का उद्घाटन भी किया था। पहले भी उनपर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं अभी भी एक सोची-समझी रणनीति के तहत राजनीतिक खींचातानी में उनपर मुकदमा दर्ज कराया गया है,ऐसी चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में चल रही है।

