गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: गुरुग्राम में खाद्य सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) के प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन से संबंधित व्यवस्थाओं के निरीक्षण पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान रसोई की स्वच्छता, खाना बनाने में उपयोग किए जाने वाले बर्तनों एवं उपकरणों की सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण तथा खाद्य कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
Metropolitan Surveillance Unit (MSU), गुरुग्राम से जुड़े खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ राकेश ने शहर के सेक्टर -31 में खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने तथा सुरक्षित खाद्य प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया। निरीक्षण गतिविधि का उद्देश्य खाद्य पदार्थों को संदूषण से बचाने, खाद्य जनित बीमारियों के जोखिम को कम करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के प्रयासों को बढ़ावा देना था।
निरीक्षण के दौरान किचन एवं खाद्य संपर्क सतहों की सफाई, बर्तनों और उपकरणों का उचित रखरखाव, कच्चे एवं पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने, कचरे के उचित निस्तारण तथा कीट नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही खाद्य संचालकों एवं कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित सफाई और उचित सैनिटाइजेशन प्रक्रियाओं के महत्व के बारे में जागरूक करने पर बल दिया गया। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में निर्धारित स्वच्छता प्रक्रियाओं का नियमित रूप से पालन किया जाए। साफ-सुथरा किचन, सुरक्षित पेयजल, उचित खाद्य भंडारण और प्रशिक्षित खाद्य कर्मचारी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देने के ऐसे प्रयासों से खाद्य व्यवसाय संचालकों में जिम्मेदार खाद्य प्रबंधन की प्रवृत्ति विकसित करने तथा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

