गुरुग्राम, सतीश कौशिक : विश्व स्पाइन दिवस के अवसर पर आर्टेमिस हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम के विशेषज्ञों ने लोगों से कमर दर्द को नजरअंदाज न करने और समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। इस वर्ष की थीम के तहत आयोजित जागरूकता सत्र और प्रेस मीट में विशेषज्ञों ने कहा कि बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करने, गलत पोस्चर और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण युवाओं में रीढ़ संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
कार्यक्रम का नेतृत्व आर्टेमिस हॉस्पिटल्स के चीफ-न्यूरो स्पाइन सर्जरी एवं को-चेयर-न्यूरोसर्जरी डॉ. एस.के. राजन और हेड-ऑर्थोस्पाइन सर्जरी डॉ. हितेश गर्ग ने किया। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार बने रहने वाला कमर दर्द, पैरों तक फैलने वाला दर्द, सुन्नपन, झनझनाहट या पैरों में कमजोरी रीढ़ से जुड़ी गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। डॉ. एस.के. राजन ने कहा कि कई लोग कमर दर्द को सामान्य समस्या मानकर जांच कराने में देरी करते हैं। समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मरीजों को बिना सर्जरी के भी राहत मिल सकती है और वे अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं। उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति के अनुसार फिजियोथेरेपी, पेन मैनेजमेंट और अन्य उपचार विकल्प अपनाए जाते हैं, जबकि मिनिमली इनवेसिव या एडवांस्ड स्पाइन सर्जरी की जरूरत चुनिंदा मामलों में ही पड़ती है।
डॉ. हितेश गर्ग ने कहा कि अब 20 से 30 वर्ष की उम्र के लोगों में भी रीढ़ संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। लंबे समय तक डेस्क पर बैठना, मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने सही पोस्चर अपनाने, काम के दौरान नियमित अंतराल पर उठकर चलने और शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रीढ़ की सेहत बनाए रखना जीवनभर की आदत होनी चाहिए।विशेषज्ञों ने लोगों को बैठते समय पीठ को उचित सहारा देने, स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखने, हर 30 से 45 मिनट में उठकर कुछ देर चलने, नियमित व्यायाम करने और वजन उठाते समय घुटनों को मोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि कमर दर्द कई सप्ताह तक बना रहे या उसके साथ पैरों में दर्द, सुन्नपन अथवा कमजोरी हो, तो चिकित्सकीय जांच में देरी नहीं करनी चाहिए।कार्यक्रम का समापन बैलून रिलीज के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित हाई-टी के दौरान उपस्थित लोगों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर रीढ़ की सेहत से जुड़े सवालों के जवाब प्राप्त किए।
गौरतलब है कि आर्टेमिस हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम को हाल ही में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘संजीवनी 2026 – हील इन इंडिया’ कार्यक्रम में ‘अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन स्पाइन केयर – इंटरनेशनल पेशेंट्स’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान स्पाइन केयर के क्षेत्र में अस्पताल की सेवाओं को मान्यता देता है।

