गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: गुरुग्राम की कादीपुर तहसील में रजिस्ट्री क्लर्क और डॉक्यूमेंट राइटर एक प्रॉपर्टी डीलर के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। जिसमें दोनों के बीच नायब तहसीलदार के सामने पहले तीखी बहस हुई फिर दफ्तर के बाहर जमकर लात-घूंसे चले। जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। वहीं सरकारी अस्पताल में इलाज कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार डॉक्यूमेंट राइटर ललित ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री के लिए उससे रिश्वत के पैसे मांगे गए। पैसे देने से इनकार करने पर अधिकारियों के इशारे पर हमला कराया गया। वहीं, रजिस्ट्री क्लर्क वीरेंद्र का कहना है कि ललित ने दस्तावेजों में बदलाव कर गलत तरीके से रजिस्ट्री करवाई थी। इसकी जानकारी नायब तहसीलदार को देने पर उसके साथ रंजिशन हाथापाई कर कपड़े फाड़े गए हैं। मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ सेक्टर-10 थाना पुलिस में शिकायत दी है। वहीं नायब तहसीलदार का कहना है कि दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी। वहीं रजिस्ट्री क्लर्क विक्की का आरोप है कि ललित ने दस्तावेजों में बदलाव करके रजिस्ट्री करवा ली थी। इसकी जानकारी मिलने पर उसने नायब तहसीलदार को बता दिया। इस पर उसे धमकी दी गई कि उसने अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों दी।
क्लर्क के मुताबिक उसकी सीट पर आकर उसके साथ हाथापाई की गई, कपड़े फाड़े गए और जान से मारने की धमकी दी गई।वहीं उसके हाथ से रजिस्ट्री छीनने का प्रयास किया गया। इसके बाद वह ऑफिस बंद करके चला गया था। हमले में उसे चोट आई है। पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
बता दें कि सरकार ने भ्रष्टाचार और फर्जी रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम बनाया हुआ है। जिसके तहत सबसे पहले सरकार की वेबसाइट पर रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। इसके बाद टोकन कटता है तथा आरसी दस्तावेजों की जांच कर उन्हें नायब तहसीलदार के पास आगे भेज देता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान चार से पांच दिन का समय मिलता है। ललित का दावा है कि गुरुग्राम में अधिकारी इस सिस्टम को बाईपास कर भ्रष्टाचार कर रहे हैं।

