गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा वन ने एक एनआरआई व्यक्ति के प्लांट को धोखाधड़ी से अपने नाम कराकर करोड़ों में बेचने के आरोपी जालसाज व्यक्ति को पंजाब से गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 30 अगस्त 2024 को एक शिकायत आर्थिक अपराध शाखा-वन को डाक के माध्यम से पुलिस थाना DLF सैक्टर-29, गुरुग्राम से प्राप्त हुई थी।जिसमें शिकायतकर्ता ने बतलाया था कि वह NRI है तथा वर्तमान में न्यूयॉर्क में रह रहा है। उनके पिता ने वर्ष-1985 में एक प्लाट सुशांत लोक-I, गुरुग्राम में खरीदा था तथा उनके पिता ने उस प्लॉट को वर्ष-1991 में उसके नाम कर दिया था। वर्ष-1991 से यही प्लॉट का मालिक था। शिकायत में बतलाया कि उक्त प्लॉट को एक व्यक्ति मनीष व उसके साथियों ने फर्जी रूप से गौरव नरूला बनकर प्लॉट को नकली ट्रांसफर डीड, फर्जी आधार कार्ड व फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर मनीष ने अपने नाम करके उस प्लॉट को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था। जिसपर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी थी। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा वन टीम द्वारा अभियोग में कार्यवाही करते हुए दिनांक 28.08.2025 को मनीष कुमार निवासी गांव पंजेके उत्तर, जिला फिरोजपुर पंजाब से गिरफ्तार करके गुरुग्राम लाया गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फिरोजपुर में आड़त की दुकान पर काम करता है और आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर नकली गौरव नरूला (शिकायतकर्ता) बनाया व खुद को शिकायकर्ता गौरव नरूला का भाई बनकर उपरोक्त प्लाट को फर्जी गिफ्ट डीड के माध्यम से अपने नाम करा लिया तथा उक्त प्लॉट को पैसे की लालच में आकर किसी अन्य व्यक्ति को 10 करोड़ 70 लाख रुपए में बेचा दिया था, जिसमें से आरोपी के बैंक खाते में करीब 07 करोड़ 71 लाख आए थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करके 06 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है।
बता दें कि गुरुग्राम में जमीनों में एक दूसरे के नाम पर खरीद बेचने में हुई धोखाधड़ी का यह पहला ही मामला नहीं है इससे पहले भी दर्जनों मामले गुरुग्राम में सामने आ चुके हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में पुलिस किस-किस सरकारी अधिकारियों (राजस्व विभाग) को पकड़ती है,या मामले में लीपा पोती कर रफा दफा करती है।

