गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: आरटीआई का जवाब देने में लापरवाही बरतने पर राज्य सूचना आयोग ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) में तैनात डीटीपी एवं जिला नोडल ऑफिसर आरएस भाट सूचना देने में लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। वही राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय सुरा ने हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को आरएस भाट को कर्तव्य निर्वहन और आरटीआई कानून 2005 से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिलाने की सिफारिश भी की है।
सूचना आयोग ने सुनवाई के दौरान कमिश्नर के समक्ष सामने आया कि अधिकारी को कई बार सुनवाई के अवसर दिए गए, लेकिन वह लगातार अनुपस्थित रहे। वहीं 30 जुलाई 2026 के आदेश के बाद भी उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग के निदेशक को निर्देश जारी करने पड़े। इस पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि वैधानिक प्राधिकरण के निर्देश महज ‘सलाह’ नहीं होते, बल्कि उनका पालन करना संबंधित अधिकारी का अनिवार्य दायित्व है।
*क्या था मामला पोस्टिंग के दौरान का है*
इस मामले पर भाट ने कहा कि यह मामला उनके चंडीगढ़ में पदस्थ रहने के समय का है और उन्हें पहले इसकी पूरी जानकारी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से जवाब दिया गया था, लेकिन संभव है कि वह आयोग को संतोषजनक नहीं लगा हो। गुरुग्राम में अतिक्रमण हटाने की रोजाना होने वाली कार्रवाई के कारण कई बार अन्य कार्य प्रभावित हो जाते हैं, लेकिन वह आगे काम में संतुलन बनाने के लिए सुधार करेंगे। उन्होंने आयोग के आदेश का सम्मान करते हुए कहा कि भविष्य में आरटीआई और इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही, उनके स्तर पर किए जाने वाले सुधारों के संबंध में आयोग को लिखित रूप से भी अवगत कराया जाएगा।
