गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज:सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने गुरुवार को कहा कि सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए शहर की विभिन्न एजेंसियां मिलकर समन्वित कार्रवाई करेंगी। इनमें नगर निगम गुरुग्राम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण संयुक्त कार्यवाही शुरू करेगा।वह नगर निगम मानेसर और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग सहित अन्य विभाग भी इस अभियान में शामिल होंगे। इन एजेंसियों ने मास्टर सेक्टर सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने तथा अवैध निर्माणों को गिराने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है।
गुरुवार को विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक के बाद जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि सभी संबंधित नागरिक एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संयुक्त रूप से उन स्थानों की पहचान करें, जहां सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण किया गया है। इसके बाद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला नगर योजनाकार आरएस भाट ने बताया कि यह अभियान सोमवार से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायतें भी दर्ज कराई जाएंगी। सड़कों, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थानों पर बनाए गए स्थायी अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है।इससे पहले गत 7 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम और जीएमडीए को ऐसे अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा और निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अदालत के समक्ष पहले की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया और आगे की कार्रवाई के लिए एक महीने का समय मांगा।सुप्रीम कोर्ट ‘लोगनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य’ मामले की सुनवाई कर रही थी। जिसमें अदालत ने यह टिप्पणी भी की थी कि गुरुग्राम के कई इलाकों में अवैध निर्माणों को गिराने के आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इन आदेशों को अभी तक अमजीलामा नहीं पहनाया गया है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि MCG, DTCP, MCM, HSIIDC और HSVP को भी इस मामले में पक्षकार बनाया गया है और उन्हें अवैध अतिक्रमण एवं निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।अधिकारी ने कहा कि गुरुग्राम में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा प्रवर्तन कार्रवाई की जाती है और अब सभी एजेंसियों को नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एक महीने बाद सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।गुरुवार को हुई संयुक्त बैठक में एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, पुलिस उपायुक्त, जी एमडीए के मुख्य अभियंता प्रवीण चौधरी, डीटीपी आरएस भाट सहित अन्य, ट्रैफिक पुलिस और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।बता दें कि जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट की पालना में अवैध निर्माण व कब्जों को लेकर कमर कसली है। वहीं एच एचएसवीपी विभाग ने आगामी सोमवार से सभी सैकटरो में सवे करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी है।
