गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), गुरुग्राम की प्रशासक श्रीमती वैशाली सिंह, आईएएस ने गुरुग्राम के विभिन्न सेक्टरों से अवैध कब्जे और अतिक्रमण हटाने के लिए विभाग के एसडीओ और जेई की सात टीमों का गठन किया है। अभियान के तहत पूरे क्षेत्र को सात जोन में विभाजित किया गया है।इन सभी सात टीमों की उनके संबंधित क्षेत्र के अनुसार निगरानी एचएसवीपी के दोनों संपदा अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार बताया गया है कि यह अभियान माननीय सुप्रीम कोर्ट के विशेष निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। गठित टीमें आगामी सोमवार से अपने-अपने क्षेत्रों में कार्रवाई की योजना तैयार करना शुरू करेंगी और 30 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेंगी। एचएसवीपी के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने एचएसवीपी के सेक्टरों में चल रही अवैध गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी गंभीरता से लिया है। ऐसे प्लॉटों को नियमों के तहत रिज्यूम करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों को लोगों से स्वयं हटाने की अपील की गई है। ऐसा नहीं करने पर विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई में आने वाला खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा।
*अवैध कब्जों की सूचना देने के लिए विशेष डेस्क*
एचएसवीपी की संपदा अधिकारी-II डॉ. अनुपमा मलिक ने अपने कार्यालय में एक विशेष डेस्क भी स्थापित करवाया है। इस डेस्क के माध्यम से कोई भी गुरुग्रामवासी एचएसवीपी की जमीन पर हुए अवैध कब्जे या अन्य अनियमितता की जानकारी विभाग को दे सकता है।डॉ. अनुपमा मलिक ने अपनी जूरिडिक्शन में गठित सभी टीमों को अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से मीडिया प्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि यदि उनकी जानकारी में एचएसवीपी की जमीन पर कोई अवैध कब्जा या अनधिकृत गतिविधि है तो उसे उजागर करें और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।एचएसवीपी अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य प्राधिकरण की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना और सेक्टरों में नियमों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

