गुरुग्राम, संवाददाता: दिल्ली में छात्रों की मांगों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आंदोलित युवाओं के दबाव में इस्तीफे पर जिला कांग्रेस कमेटी शहरी एवं ग्रामीण ने शनिवार को शहर में कैंडल मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान कहा कि नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं, छात्रों पर हुए अन्याय एवं लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के विरोध के बाद यह जीत युवाओं के लिए तो खास बताया। साथ ही इसे उस राजनीति की हार करार दिया है जो जनता पर किसी भी अन्याय तक जाकर अपने नेताओं को बचाती रही है।
कांग्रेस का मशाल जुलूस जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के अध्यक्ष पंकज डावर व ग्रामीण अध्यक्ष वर्धन यादव के नेतृत्व में निकाला गया, जिसमें मुख्य रूप से हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह प्रभारी जितेंद्र बघेल ने भी शिरकत की। कार्यालय कमान सराय से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से निकाला गया। सेंकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, युवा इसमें शामिल हुए। जितेंद्र बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश का युवा सबसे ज्यादा आहत है। नीट और सीबीएसई जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और गड़बडिय़ों ने लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। भाजपा सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठी और हिरासत का सहारा लिया। यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। उन्होंने कहा कि बात शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से खत्म नहीं हो जाती और ना ही व्यवस्था सुधर सकती है। व्यवस्था सुधार के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगें।

शहरी जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की नाकामी के कारण आज देश की शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस बल करके सरकार आवाज दबाने चली थी और वह आवाज चिंगारी बनकर सामने आई। कांग्रेस पार्टी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह कैंडल मार्च सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं को यह संदेश देने के लिए है कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। उन्होंने हरियाणा के युवाओं से अपील की कि वे निराश न हों, कांग्रेस उनके साथ है।
वहीं ग्रामीण जिलाधक्ष ने बोलते हुए कहा कि पेपर लीक मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को कठोर सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने दिन-रात मेहनत करके परीक्षा दी, उनके साथ धोखा हुआ। सरकार ने न तो दोषियों पर कार्रवाई की और न ही पीडि़त छात्रों को न्याय दिया। महिला नेताओं, कार्यकर्ताओं ने कहा कि बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली सरकार को अब जवाब देना होगा। दिल्ली के आंदोलन में बेटियों के साथ अभद्रता करने वाले पुलिस अधिकारियों को भी कड़ी सजा देने की मांग महिलाओं ने की। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वह महिलाओं को प्रताडि़त और बेइज्जत करने में लगी रही।
कैंडल मार्च के अंत में शहीदों और आंदोलन में घायल हुए छात्रों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और देश की एकता-अखंडता के लिए प्रार्थना की गई। जिला कांग्रेस कमेटी ने सभी कांग्रेसजनों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी की भारी भागीदारी से यह कैंडल मार्च सफल हुआ। कांग्रेस आगे भी छात्रों के हक और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सडक़ से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
