गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: जैन धर्म के प्रचारक आचार्य श्री विमर्श सागर महाराज जी का मंगल विहार गुरुवार को डी.सी.एफ से जैकमपुरा स्थित श्री 1008 पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर के लिए संपन्न हुआ।श्री 1008 पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जैकबपुरा के प्रधान नरेश कुमार जैन, उपप्रधान शैलेंद्र जैन, महामंत्री अशोक कुमार जैन, सह-मंत्री जिनेंद्र जैन एवं कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन ने बताया कि महाराज जी का यह संघ कुल 50 साधु-संत और 33 पिच्छी के साथ डी.सी.एफ से चलकर महावीर पार्क पहुंचा। जैन भक्तों द्वारा गाजे-बाजे के साथ महाराज श्री का भव्य स्वागत किया गया।
जैकमपुरा मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश महावीर पार्क से मंगल ध्वनि और जयकारों के साथ महाराज संघ श्री 1008 पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जैकमपुरा पहुंचा। मंदिर में आचार्य श्री का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। सेंकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य अर्जन किया।
जैन समाज के प्रवक्ता अभय जैन एडवोकेट ने बताया कि महाराज श्री का दिल्ली से तिजारा जी के लिए मंगल विहार चल रहा है। जीवन है पानी की बूंद रचना से भावविभोर हुए श्रद्धालु महाराज श्री द्वारा रचित महाकाव्य जीवन है पानी की बूंद श्रद्धालुओं के बीच आज बहुत प्रचलित है। महाराज श्री ने प्रवचन में इसकी कुछ पंक्तियां सुनाईं, जिसे सुनकर हर श्रावक का मन भावविभोर हो उठा। महाराज श्री ने कहा कि जीवन क्षणभंगुर है। इसे संयम, सेवा और धर्म में लगाना ही सच्चा पुण्य है। सेंकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल महाराज श्री के मंगल विहार में जैकमपुरा और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने महाराज श्री के दर्शन कर आशीर्वाद और धर्म लाभ लिया।

