गुरुग्राम, सतीश भरद्वाज : पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार लाई ईडी ने उन्हें देर रात गुरुग्राम की सैशन कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद संजीव अरोड़ा को 7 दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिमांड पर भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार मंत्री संजीव अरोड़ा की अदालत में पेशी देर रात के वक्त हुई, जो करीब 3 घंटे से भी अधिक समय तक चली। कोर्ट रूम में गहमागहमी का माहौल रहा। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से वकीलों ने पक्ष रखते हुए अरोड़ा से पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड मांगी थी। ईडी ने अदालत में अपना तर्क दिया कि मामले की तह तक जाने तथा अहम दस्तावेजों की बरामदगी के लिए मंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ करना अनिवार्य है। परिवार के सदस्य भी अदालत पहुंचे। तीन घण्टे तक अदालती कार्रवाई चलती रही। ईडी के वकील ने मंत्री पर लगे आरोपों की जानकारी अदालत में दी। उसके बाद बचाव पक्ष के वकील ने भी करीब 30 मिनट तक अपनी दलील दी।उन्होंने कहा-मौजूदा मंत्री को बिना किसी सबूत के करीब 72 घंटे तक हिरासत में रखा गया। जबकि ईडी के पास मनी लांड्रिंग और जीएसटी से संबंधित कोई सबूत नहीं है। वहीं कस्टम के भी कोई कागजात नहीं उपलब्ध कराएं जा रहे। यह केवल राजनीतिक दुर्भावना के चलते गिरफ्तारी की गई है। बचाव पक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए। रिमांड का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस मामले में विभाग द्वारा पहले कोई उचित जांच नहीं की गई और सीधे गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है। उनके मुवक्किल जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया और ईडी को 7 दिनों के लिए रिमांड पर दे दिया। जिसके बाद ईडी अपने साथ ले गई, मंत्री अब 16 मई तक ईडी की हिरासत में रहेंगे, जिसके बाद उन्हें दोबारा गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान ईडी उनसे करोड़ों रुपए के कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सवालों पर पूछताछ कर इस मामले में सबुत जुटाएगी।

बता दें कि बीते शनिवार को ईडी ने मंत्री के आवास व अन्य ठीकानो पर एक साथ रेड मारी थी,उनपर 157 करोड़ के गोलमाल करने का आरोप है। उनको ईडी चण्डीगढ़ से गिरफ्तार करके देर रात करीब 11.30 बजे गुरुग्राम कोर्ट लेकर पहुंची थी। जिससे रात्रि में को परिसर में भी कड़ी सुरक्षा व अफरातफरी का माहौल बना रहा।
