गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम की एक जेएमआईसी अदालत ने थाना पालम विहार के एसएचओ सहित निगम वार्ड तीन के पूर्व पार्षद उसके भाइयों पत्नी तथा लड़के को एक पीड़ित द्वारा दायर किए गए केस पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को अदालत में हाजिर होने के आदेश पारित हुए थे। अब देखना यह होगा कि इस तारीख पर प्रस्तावित आरोपी अदालत में हाजिर होते हैं,या अन्य कानून दांव-पेंच खेलकर अदालत में पेश होने से बचने में कामयाब होते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सैक्टर 22 निवासी पीड़ित सतबीर सिंह की शिकायत पर अदालत ने पिछली तारीख 23 फरवरी को आदेश जारी करते हुए थाना पालम विहार के एसएचओ सहित वार्ड तीन से भाजपा के पार्षद रहे रविंद्र यादव, उसके भाई, मनोज यादव,सुनील यादव, राजबीर यादव,भतीजा गौरव, पत्नी सरला देवी,लड़का मनश, उसका बाउंसर नीरज सभी निवासी गांव मोलाहेडा जिला गुरुग्राम को अगली सूनवाई तारीख 24-04-2026 पर जेएमआईसी अदालत में हाजिर होने के लिए नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने यह आदेश थाना पालम विहार पुलिस द्वारा मामले में एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) पेश किए जाने के बाद मामले पर सुनवाई करते हुए दिए थे। जिसमें थाना पालम विहार पुलिस ने शिकायतकर्ता पीड़ित सतबीर सिंह द्वारा उपरोक्त लोगों के द्वारा इकट्ठे होकर उसके प्लाट नम्बर 163/22 में जबरदस्ती घुसकर गन्दगी फैलाना,कोमन स्टील पार्किंग पर नियमों के खिलाफ कब्जा करके निर्माण करने से रोकने पर मारपीट, धमकी देने, झुठी शिकायत करने तथा पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने तथा शिकायत देने पर कार्रवाई नहीं करने पर न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। पुर्व पार्षद, पुलिस व अन्य के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए पीड़ित कई दफा एसीपी नवीन शर्मा, डीसीपी करण गोयल तथा सीपी विकास अरोड़ा से भी दोषियों पर कार्रवाई करने की गुहार मिलकर लगा चुका था। लेकिन पार्षद के उच्च अधिकारियों से मिली भगत के चलते मामले में लीपापोती कर दी थी। जबकि पीड़ित के पास आरटीआई से निकलवाए हुए काफी सबुत थे, वहीं सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी है, लेकिन फिर भी थाना पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं करी। जिसपर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दायर शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सभी नामजद प्रस्तावित दोषियों को अगली निर्धारित तिथि 24 अप्रैल 2026 पर स्वयं या अपने वकील के माध्यम से अदालत में हाजिर होने के दिए हैं। नोटिस जारी किए गए व्यक्तियों में थाना पालम विहार के एसएचओ मार्फत आईओ सहित आठ अन्य लोग शामिल हैं।अदालत के इस आदेश के बाद मामले में अगली सुनवाई पर सभी संबंधित पक्षों की उपस्थिति में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें पीड़ित ने दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की भी अदालत से गुहार लगाई थी,जिसको अदालत ने नामंजूर करते हुए आदेश दिए हैं।बता दें कि भाजपा के पूर्व पार्षद रविंद्र व उसके परिवार पर काफी लोगों ने गंभीर आरोप लगाएं हुए है, लेकिन एक मंत्री की जी हजूरी करने से कोई भी अधिकारी उसपर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते पीड़ित अब न्याय के लिए न्यायालय की शरण में जा रहे हैं।
गौरतलब है कि अब तो न्यायालय रिकार्ड में से भी दस्तावेज गायब होने लगें हैं, यहां तक कि हाईकोर्ट में पेंडिंग केशों की फाइलों से सबुत नष्ट हो रहें हैं, ऐसे कहीं मामले मीडिया में उजागर हो चुके हैं, वहीं समन जारी करने तथा तामील होने में तो काफी लापरवाही उजागर हो चुकी है। जिसपर अदालत भी फाइलों की रेखदेख करने वाले एलमद को भी फटकार लगा चुकीं हैं। अब इस मामले में देखना होगा कि आरोपी अदालत में पेश होंगे या समन (नोटिस) तामील नहीं होने से इस सूनवाई पर पेश नहीं होंगे।


