गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : वीरवार को प्रदेश के स्थानीय निकाय मंत्री व सीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी द्वारा ली गई बैठक के बाद गुरुग्राम शहर को साफ सुथरा स्वच्छ बनाने के लिए दिए गए सख्त निर्देशों के बाद निगम कमिश्नर भी सख्त रुख अपनाते हुए इस मुहीम को और तेज कर दिया है। जिसके लिए शुक्रवार को एक चिट्ठी जारी कर अवैध डंपिंग व निमार्ण मलबा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए पत्र जारी कर दिया है।
निगम प्रवक्ता सतबीर रोहिल्ला की तरफ से भेजी गई जानकारी के अनुसार बताया गया है कि निगम कमिश्नर ने अवैध मालवा डंपिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का मन बना लिया है। जिसके बारे में एक लिखित आदेश सभी अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। जिसमें स्पष्ट दर्शाया गया है कि अवैध डंपिंग से पर्यावरण को कितना नुकसान हो रहा है यह एनजीटी के नियमों के खिलाफ है। जिसमें जुर्माना और सजा का भी प्रावधान है। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 और निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत उल्लंघन पर 5 हाल तक की कैद और/या ₹1 लाख तक का जुर्माना, साथ ही CPCB दिशानिर्देश व NGT आदेशों के अनुसार पर्यावरणीय क्षति पूर्ति देय होगी। एमसीजी उपविधियों व भारतीय न्याय संहिता के तहत सार्वजनिक उपद्रव, बीमारी फैलाने, या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर जुर्माना, कारावास और कर बकाया की तरह वसूली की कार्रवाई हो सकती है।
प्रवक्ता ने बताया कि जारी निदेश शनिवार 16 अगस्त 2025 से लागू हो जाएगा, जिसमें प्रत्येक उल्लंघन पर ₹1 लाख जुर्माना, मुकदमा, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, वाहन जब्ती और कचरा प्रबंधन गतिविधियों में ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। वहीं सभी थोक अपशिष्ट उत्पादक, आरडब्ल्यूए, संस्थान व व्यावसायिक प्रतिष्ठान कचरे का पृथक्करण व निपटान केवल अधिकृत माध्यमों से करें और थोक अपशिष्ट को स्रोत पर ही संसाधित करें या अधिकृत संग्रहकर्ता को ही सौंपें जाएं। अब देखना यह होगा कि शहरवासियो व निगम अधिकारियों पर इसका कितना असर होगा।

