गुरुग्राम,सतीश भारद्वाज : असम में एयरफोर्स के शहीद हुए अनुज वशिष्ट का शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव ककराना जिला रोहतक में अंतिम संस्कार किया गया। शहीद अनुज के छोटे भाई मनुज ने उन्हें मुखाग्नि दी। अनुज का शव दोपहर को उनके पैतृक गांव ककराना पहुंचा था, जहां लोगों ने उनके अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने अपने सपुत को गमगीन माहौल में अंतिम विदाई दी। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और हरियाणा के केबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा भी पहुंचे। अनुज का रिश्ता तय हो गया था और परिजन व रिश्तेदार शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। जिससे उनकी शादी होनी थी वह भी एयरफोर्स में पायलट बताईं जा रही है।
शहीद के अंतिम संस्कार के बाद मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि यह शहादत देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। आज पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। इस शहादत ने ककराना गांव का नाम बहुत ऊंचा किया है। हम अनुज को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां पहुंचे हैं। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। उनकी शहादत का वर्णन करने के लिए हमारे पास शब्द नहीं है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। तथा उनके परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति दे।
शहीद का जन्म 9 अगस्त 1993 को रोहतक के ककराना गांव में हुआ। उसके बाद उनका परिवार गुरुग्राम के सैक्टर 22 में शिफ्ट हो गया। अनुज की पढ़ाई लिखाई गुरुग्राम में ही हुई। पढ़ाई में शुरू से ही होनहार होने के कारण अनुज का 2015 में एयरफोर्स में सिलेक्शन हो गया। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 2016 में गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया गया था। उनके पिता आनंद शर्मा भारतीय सेना में सूबेदार के पद से रिटायर हैं। उन्हीं को देखकर अनुज ने भारतीय वायु सेना को जॉइन किया। मनुज बीटेक करने के बाद इंग्लैंड में नौकरी करते हैं। वह भाई के शहीद होने की सूचना के बाद भारत लौट आए।
शहीद का असम के जोराहट एयरबेस से गुरुवार शाम रेगुलर प्रैक्टिस के लिए उड़ान भरी थी। इसमें स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर सवार थे। उड़ान के कुछ समय बाद ही शाम करीब 7 बजकर 42 मिनट पर विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया और विमान रडार से गायब हो गया।विमान के लापता होने के तुरंत बाद वायुसेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाश के दौरान पता चला कि विमान जोराहट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के घने जंगलों में क्रैश हो गया है। वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा कर दोनों अधिकारियों स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर के शहीद होने की पुष्टि की थी।





