नई दिल्ली, सतीश भारद्वाज: हरियाणा के सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग में तैनात एक कर्मचारी की रिटायरमेंट विवादों के आ गई है। जिसके लिए निदेशक की तरफ से आदेश भी जारी हो चुके हैं। जिसमें कुछ अहम शर्तें के साथ दो वेतन वृद्धि के रूप में दी गई अतिरिक्त राशि की वसूली के निर्देश भी दिए गए हैं। जिससे उनकी सेवानिवृत्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग के निदेशक केएम पांडुरंग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि नीरज चोपड़ा, हरियाणा भवन, नई दिल्ली में फोटोग्राफर के पद पर कार्यरत थे। उनकी सेवानिवृत्ति 28 फरवरी 2026 को हो गई है। जिसके लिए कुछ शर्तों विशेष तौर पर लगाईं गई है। जिनमें सेवानिवृत्ति पर लगाई गई तीन शर्तें,जांच लंबित रहने की स्थिति में कार्रवाई,यदि चल रही जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या घोटाले की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
*सरकारी सामान जमा न करने पर एनओसी भी लटकी*
विभाग की फोटो शाखा की ओर से अभी तक एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी नहीं किया गया है। साथ ही विभाग का डाटा, कैमरा और अन्य सरकारी सामान भी अभी तक जमा नहीं कराए गए हैं।
*अतिरिक्त वेतन वृद्धि की वसूली*
जारी आदेश अनुसार उनको 1 जुलाई 2015 और 1 जनवरी 2017 को दी गई दो एडवांस सैलरी इन्क्रीमेंट के संबंध में 2,08,650 रुपये की अतिरिक्त राशि की वसूली की जाएगी। इसके लिए रोकी गई अवकाश नकदीकरण (लीव एनकैशमेंट) राशि से एडजेस्ट करने के निर्देश दिए हैं।
*दोबारा नियुक्ति के लिए आकाओं के दरबार में हाजरी की चर्चाएं*
वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार चर्चाएं है कि उक्त रिटायर्ड कर्मचारी का कार्यकाल काफी विवादों में रहा है। जिस वजह से विभाग को उसकी रिटायरमेंट पर सख्त रुख अपनाना पड़ा है। जबकि विभाग में यह भी चर्चाएं चल रही है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वह दोबारा से नियुक्ति के प्रयास में अपने आकाओं के दरबार में हाजरी लगा रहा है। जिसका खुलासा जल्द ही सामने आएगा, लेकिन इसमें अभी विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद मामला सुर्खियों में है।

