गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज: एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013’ के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों, संस्थानों और निजी कंपनियों को अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिन संस्थानों में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक समिति (Internal Committee) का गठन अनिवार्य है। यह समिति कार्यस्थल से संबंधित यौन उत्पीड़न की शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण करेगी। जिनमें समिति का गठन नहीं किया गया है, उन्हें शीघ्र प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। एडीसी ने बताया कि जिला स्तर पर गठित स्थानीय समिति ऐसे मामलों की सुनवाई करती है, जहां नियोक्ता के विरुद्ध शिकायत हो, कर्मचारियों की संख्या कम हो या आंतरिक समिति मौजूद न हो। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में नामित नोडल अधिकारी शिकायतों को सात दिनों के भीतर जिला समिति को प्रेषित करेंगे, ताकि पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करना भी अनिवार्य है, जिसमें प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण का विवरण देना होगा। नियमों की अवहेलना या आंतरिक समिति का गठन न करने पर संबंधित संस्था पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है तथा पुनरावृत्ति की स्थिति में दंड दोगुना और लाइसेंस/पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
एडीसी ने जानकारी दी कि अब निजी क्षेत्र में कार्यरत महिलाएं भी एसएचई-बॉक्स (SHe-Box) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इसके अतिरिक्त पीड़ित महिला अपनी शिकायत ई-मेल आईडी posh-grg.rev@hry.gov.in पर भी सीधे भेज सकती है। यह व्यवस्था सुरक्षित, गोपनीय और पारदर्शी शिकायत तंत्र उपलब्ध कराती है। जिला प्रशासन द्वारा सभी कार्यालयों व औद्योगिक इकाइयों को इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों और संस्थान प्रमुखों से आह्वान किया कि वे कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा पोश अधिनियम का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक में गुरुग्राम के एसडीएम परमजीत चहल, पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच, एएलसी कुशल कटारिया, डीआरओ विजय यादव, डिप्टी सीईओ जिला परिषद परमिंदर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

