गुरुग्राम,सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम जीएमडी में बतौर डीटीपी तैनात एवं जिला नोडल अधिकारी आरएस भाट पर गुरुग्राम निवासी एक आरटीआई एक्टिविस्ट समाजसेवी ने जीएवी ग्रुप आफ स्कूल के संचालकों के मिलीभगत कर स्कूलों द्वारा किए गए अवैध निर्माण तथा कब्जे को ना हटाने के गंभीर आरोप लगाते हुए अपने एक्स अकाउंट के माध्यम से सरकार से कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।
सूत्रों तथा सोशल मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार गुरुग्राम में अवैध निर्माणों को तोड़कर सुर्खियां बटोरने वाले अधिकारी आरएस भाट पर गुरुग्राम के आरटीआई एक्टिविस्ट सुखबीर सिंह ने जीएवी स्कूल संचालकों के साथ मिलीभगत करने के आरोप लगाया है। उनका कहना था कि जीएवी इंटरनेशनल स्कूल सैक्टर 37 के खिलाफ हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन सुरक्षा बताने वाले रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट,1975 के अंतर्गत अवैध निर्माण एवं भूमि उपयोग उल्लंघन के मामलों में जिला नगर योजनाकार (DTP), गुरुग्राम द्वारा दिनांक 14.05.2024 को कारण बताओ नोटिस तथा 27.05.2024 को अंतिम प्रवर्तन आदेश जारी किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में, जब नियामक कार्यवाही चल रही हों, तो जब संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की उस निजी संस्था के किसी कार्यक्रम अथवा समारोह में उपस्थिति पर निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा हितों के टकराव (Conflict of Interest) को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
वहीं सरकारी अधिकारियों पर लागू हरियाणा सिविल सेवा (आचरण) नियम, 2016 के अनुसार, प्रत्येक अधिकारी का यह दायित्व है कि वह पूर्ण निष्पक्षता, ईमानदारी एवं पारदर्शिता बनाए रखे, जिससे लोक विश्वास बना रहे और प्रशासनिक शुचिता सुनिश्चित हो। ऐसे में एक नोडल अधिकारी का विवादित संस्थाओं के प्रोग्राम में बतौर मुख्य अतिथि जाना उनसे मिली भगत का स्पष्ट नजारा देखा जा सकता है।आरटीआई एक्टिविस्ट सुखबीर सिंह ने इसके संदर्भ में अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से डीपी विभाग तथा सीएमओ को टैग करते हुए लिखा है कि जीएवी इंटरनेशनल स्कूल पर अवैध निर्माण का नोटिस लम्बित होने के बावजूद उसी विभाग के अधिकारी की स्कूल कार्यक्रम में सार्वजनिक मौजूदगी निष्पक्षता व पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। साथ ही उन्होंने स्कूल संचलको के साथ उनका फोटो भी लगाया है। अब देखना यह होगा कि सीएमओ दफ्तर इस पर क्या संज्ञान लेता है।
बता दें कि नोडल अधिकारी आरएस भाट पर लगातार मनमर्जी, दबंगी, अतिक्रमण, अवैध निर्माण को तोड़फोड़ करने में भेदभाव करने पर लगातार आरोप लग रहे हैं। जिसमें जहां कांग्रेस पार्टी के नेता जमकर उनपर आरोप लगाते आ रहें हैं। वहीं एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने भी उनकी अवैध निर्माण करने वालों के साथ मिलीभगत पर सवाल खड़े कर सरकार को चेता दिया है। वहीं एक कांग्रेसी नेता राजेश यादव तो बादशाहपुर के विधायक केबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह पर उक्त अधिकारी की तगड़ी सांठ-गांठ सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर चुके हैं। जब इस बारे में अधिकारी से फोन पर बात करनी चाहिए तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया जिनसे उनका पक्ष नहीं लिखा जा सका।

