गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम में पुलिस की कथित मनमानी, दबंगी से मारपीट, लापरवाही व फर्जी मामले में फसा कर युवक को जेल भेजने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस पर आरोप है कि एक युवक ने थाने में पुलिस कर्मियों द्वारा की गई मारपीट की शिकायत जब उच्च अधिकारियों से की और साथ ही आरटीआई एक्ट के तहत जानकारी मांगी, तो यह कदम उसके लिए भारी पड़ गया। जिससे बोखलाए पुलिस अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को बचाने के लिए युवक को ही फर्जी मामले में लपेटकर जेल भिजवा दिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के थाना पालम विहार क्षेत्र के गांव मोलाहेडा निवासी हितेश यादव को थाना पालम विहार पुलिस की शिकायत उच्च अधिकारियों को करनी महंगी पड़ गई, वहीं थाने के सीसीटीवी व अन्य जानकारी आरटीआई एक्ट से मांगने पर नाराज़ गुरुग्राम पुलिस ने अपनी नौकरी और छवि को बचाने के लिए उसके खिलाफ अवैध हथियार रखने का एक फर्जी मामला थाना सैक्टर 14 में दर्ज जेल भेज दिया। जिसकी गांव में चर्चा है कि उसके पास कोई हथियार नहीं था और यह पूरी कार्रवाई उसे डराने और चुप कराने के उद्देश्य से की गई। जिसको लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति रोष है। लोगों का कहना है कि यदि कोई आम नागरिक पुलिस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाता है तो पुलिस उसे इसी तरह फर्जी मामले में लपेटकर प्रताड़ित करतीं है, जो पुलिस विभाग व सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जबकि पीड़ित पक्ष इस मामले में कुछ भी बोलने से कतरा रहा है। उनपर तो मानों दुखों का पहाड़ टुट पड़ा हो। वहीं पुलिस द्वारा दर्ज किए फर्जी मामले से डरें व सहमें हुए हैं।
इस मामले पर गांव मोलाहेडा में चर्चाएं है कि थाना पालम विहार पुलिस ने युवक हितेश यादव को नववर्ष की मध्य रात्रि को थाने में लेजाकर जमकर पीटा था, जिसकी शिकायत भी उसने उसी दिन थाने में दी थी,जिसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद सीपी को भी दरखास्त देकर न्याय की गुहार लगाई थी, वहीं आरटीआई एक्ट के तहत भी जानकारी मांगी थी,उसके आरटीआई आवेदन को शाखा में तैनात कर्मचारियों ने लेने से मना कर दिया था,फिर स्पीड पोस्ट से भेजी तो वह भी वापस कर दी। इसी बीच पीड़ित पर एक अन्य मामला थाना पालम विहार में भी बना दिया गया। जबकि जो सही मामला था,उसको दबा दिया गया।
ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस दुसरी पार्टी से मिली हुई है। उन्हें इस बात का पहले से ही संदेह था कि पुलिस उन्हें किसी भी फर्जी मामले में फसा सकतीं हैं। जिसके बारे में पहले ही लिखीत में दरखास्त दे रखी थी। गुरुग्राम पुलिस का ऐसा यह पहला ही मामला नहीं है, इससे पहले भी आम जागरूक नागरिक के साथ इस तरह की दबंगी व पद का दुरुपयोग कर शरीफ जागरूक लोगों को प्रताड़ित कर चुकीं हैं। जबकि दबंग,भ्रष्ट,अवैध वसूली करने वाले लोगों के आगे नतमस्तक हो रही है। क्षेत्र के एक एक्श पार्षद व उसके चहेतों से तो थाना पालम विहार साजबाज है। जो सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर अवैध वसूली कर रहे हैं।

