गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम के एक पीड़ित नागरिक सतबीर सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी ओर से दर्ज कराई गई कई शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सतबीर सिंह के अनुसार, उन्होंने भाजपा के पूर्व निगम पार्षद रविंदर , उसके लड़के मनश,भाई, राजबीर, सुनील,नीरजसहित अन्य लोगों के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस के थाना पालम विहार को आरटीआई से जानकारी लेकर सभी आवश्यक सबूत, साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायतें दी हुई हैं, लेकिन स्थानीय थाना पुलिस ने राजनीतिक दबाव में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
शिकायतकर्ता ने सोमवार को ईमेल के माध्यम से प्रदेश के उच्च अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी आरोपी पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि संबंधित आरोपी राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं, जिसके चलते पुलिस उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर रही है और मामलों को बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायत देने के बावजूद न तो निष्पक्ष जांच की जा रही है और न ही कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है। सतबीर सिंह ने उच्च पुलिस अधिकारियों से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निष्पक्ष जांच की जाती है, तो वे जांच के दौरान सभी जरूरी सबूत, साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और आरटीआई रिपोर्ट उपलब्ध कराने को तैयार हैं। जो उन्होंने पहले भी पुलिस को दे रखी है।
वहीं उन्होंने थाना पालम विहार के कुछ कर्मचारीयों पर भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है,उनका कहना था कि वह अपने सभी मामलों को लेकर पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा तथा डीसीपी करण गोयल से भी मिल चुके हैं।इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ता की मांग पर कब और क्या कार्रवाई की जाती है।
बता दें कि आरोपी रविंद्र पहले सांसद राव इंद्रजीत सिंह की जी हजूरी में लगा रहता था,जब उसके काले कारनामों की जानकारी सांसद को पता चली तो उनको कड़ी फटकार लगाई। जिसपर उन्होंने अपना पाला उनके राजनीतिक धुर विरोधी हरियाणा सरकार में मंत्री राव नरबीर सिंह की शरण में पहुंच गए। जिनसे अपनी गहरी पेठ दिखाते हुए पुलिस विभाग पर दबाव बनाकर कार्यवाही नहीं होने देता है।

